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दिल्ली सरकार की बस ऑपरेटरों को चेतावनी, यात्री सुरक्षा नियमों में लापरवाही पर तय कार्रवाई

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नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने सभी बस ऑपरेटरों को यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन से जुड़े निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा, “सुरक्षा उपाय केवल कागजों पर नहीं, बल्कि पूरी तरह से लागू होने चाहिए। बस ऑपरेटर सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक सिस्टम, उपकरण और प्रक्रियाएं सही तरीके से काम कर रही हों।”

उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। परिवहन विभाग इन निर्देशों और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुपालन की जांच के लिए विशेष अभियान चलाएगा।

बस ऑपरेटरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इन दिशानिर्देशों की जानकारी ड्राइवरों और अन्य कर्मचारियों तक पहुंचाएं और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

परिवहन विभाग द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए निर्देश दिल्ली में चलने वाली सभी बसों पर लागू होंगे, जिनमें अन्य राज्यों से दिल्ली आने वाली और यहां संचालित होने वाली बसें भी शामिल हैं।

सरकार ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने और अनिवार्य सुरक्षा मानकों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन हर समय चालू और कार्यशील रहें। पैनिक बटन यात्रियों की पहुंच में हों और सही स्थिति में बनाए रखे जाएं।

सभी बसों में काम करने योग्य अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और फर्स्ट एड किट रखना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, बसों को रात या खाली समय में केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर ही खड़ा किया जाना चाहिए।

निर्देशों के अनुसार, हर बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट होना चाहिए और वाहन पूरी तरह से तकनीकी रूप से फिट होना चाहिए। साथ ही प्रदूषण संबंधी मानकों का पालन और वैध पीयूसी प्रमाण पत्र रखना भी जरूरी होगा।

ऑपरेटरों को यातायात नियमों और निर्धारित बस लेन के पालन का निर्देश दिया गया है। यात्रियों को बस में चढ़ाने और उतारने का कार्य केवल अधिकृत बस स्टॉप या निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकेगा। सड़क के बीच में, चौराहों पर या किसी असुरक्षित और गैर-अधिकृत स्थान पर बस रोकने पर सख्त रोक लगाई गई है।