दिल्ली: मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, एक नाबालिग समेत 8 महिलाओं को बचाया गया

0
2

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के एसएन मार्ग इलाके में चल रहे मानव तस्करी और अनैतिक वेश्यावृत्ति के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने आठ लड़कियों को बचाया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने मौके से नकदी, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थ और शराब भी जब्त किए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार देर रात अजमेरी गेट स्थित एक जगह पर यह ऑपरेशन चलाया गया। यह कार्रवाई ट्रैफिकिंग की गतिविधियों के बारे में मिली एक खास और संवेदनशील जानकारी के आधार पर की गई।

तेजी से कार्रवाई करते हुए एसीपी रिंचन ओंगमू भूटिया की देखरेख और एसआई किरण सेठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने क्राइम टीम, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों और एक एनजीओ के सदस्यों के सहयोग से एक सुनियोजित छापा मारा।

छापेमारी के दौरान, पुलिस को कई महिलाएं और पुरुष मिले। जांच-पड़ताल करने पर यह पता चला कि उस जगह का इस्तेमाल संगठित, अनैतिक ट्रैफिकिंग और वेश्यावृत्ति की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

उस जगह से कुल आठ महिलाओं को बचाया गया, जिनमें एक 17 साल की नाबालिग भी शामिल थी। नाबालिग ने बताया कि उसे पश्चिम बंगाल से यहां लाया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे आलिया उर्फ ​​पिंकी नाम की एक महिला दिल्ली लाई थी और बाद में उसे कुमारी और राहुल नाम के एक जोड़े को सौंप दिया गया। आरोप है कि यही जोड़ा इस अवैध धंधे को चला रहा था।

नाबालिग ने आगे बताया कि दो लोग, जिनकी पहचान गोपी राम परिहार उर्फ ​​सूरज और लुमा कांत पांडे उर्फ ​​मोटू के रूप में हुई है, मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। वे पैसों के लेन-देन को संभालते थे और ग्राहकों की मदद करते थे।

पुलिस ने सात अन्य महिलाओं को भी बचाया, जिनमें से कुछ को कथित तौर पर परिसर के अंदर बने तंग और छिपे हुए कमरों में छिपाकर रखा गया था, जिससे पता चलता है कि उन्हें पकड़े जाने से बचाने की कोशिश की जा रही थी।

तलाशी अभियान के दौरान, पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया, जिसमें 1.97 लाख रुपए नकद, 118 डॉलर, नेपाली मुद्रा के नोट और अन्य विदेशी मुद्रा शामिल थी। इसके अलावा, 33 ग्राम गांजा, इस्तेमाल किए हुए और बिना इस्तेमाल किए हुए कंडोम, जालीदार कपड़े के टुकड़े जिन पर वीर्य के दाग होने का शक था और लेन-देन के रिकॉर्ड भी जब्त किए गए।

मौके से बरामद की गई अन्य चीजों में अलग-अलग रंगों के गोल टोकन, दो चाकू, दवाएं, आठ डायरियां और बड़ी मात्रा में शराब शामिल थी, जिसमें 264 बोतलें और 478 बीयर के कैन थे।

इस मामले में दो आरोपियों, नेपाल के रहने वाले परिहार (36) और पांडे (41), को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, मुख्य आरोपी कुमारी और उसका पति राहुल अभी फरार हैं। उन्हें ढूंढकर पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।

पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, और आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई चीजों की प्रकृति और पैमाने से पता चलता है कि यह एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क है, जिसमें पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल के पीड़ित शामिल हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और नेटवर्क के पूरे विस्तार का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि और अधिक पीड़ितों को बचाने और इस क्षेत्र में सक्रिय बड़े तस्करी सिंडिकेट को खत्म करने के प्रयास जारी हैं।