नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित होने जा रहे कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन जोन-II नॉर्थ जोन सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन 8 और 9 जून को हरियाणा विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस दो दिवसीय सम्मेलन का विषय ‘भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका’ है। सम्मेलन में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी और विधायक हिस्सा लेंगे तथा देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को लेकर व्यापक चर्चा करेंगे।
इस सम्मेलन का उद्देश्य संसदीय संस्थाओं को और मजबूत बनाना, आधुनिक विधायी प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना तथा विभिन्न राज्यों के बीच लोकतांत्रिक सहयोग को बेहतर बनाना है। सम्मेलन के दौरान जनप्रतिनिधि और नीति निर्माता एक मंच पर आकर सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे और उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
दिल्ली विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए विजेंद्र गुप्ता विभिन्न सत्रों में सक्रिय भागीदारी करेंगे। वे नागरिकों को सशक्त बनाने, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने और विधायी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करने से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।
आयोजकों का मानना है कि संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान से जनप्रतिनिधियों को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों का बेहतर समाधान खोजने में मदद मिलेगी। साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक मजबूत रोडमैप तैयार किया जा सकेगा।
हाल ही में विजेंद्र गुप्ता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ दिल्ली विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका ‘विधान-चेतना’ के प्रथम अंक का विमोचन किया था। इसी अवसर पर 1924 से 1930 तक की केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित 89 खंडों का भी लोकार्पण किया गया था।
विजेंद्र गुप्ता ने उस अवसर पर कहा था कि यह पहल भारत की समृद्ध संसदीय विरासत और आधुनिक लोकतांत्रिक विकास के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगी तथा संस्थागत इतिहास के संरक्षण के साथ लोकतांत्रिक विमर्श को भी मजबूती देगी।

