नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में मौसम काफी शुष्क हो गया है और तेज धूप के कारण दिन का तापमान गर्म बना हुआ है। हालांकि, रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले पूरे सप्ताह आसमान साफ रहने और दिल्ली में बारिश की कोई संभावना न होने का अनुमान लगाया है।
बुधवार सुबह से ही दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप खिली रही। हालांकि, इलाके में उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलने के कारण मौसम काफी शुष्क हो गया है।
दिल्ली की मुख्य वेधशाला, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम 13 प्रतिशत बारिश की कमी के साथ खत्म हुआ।
हालांकि, देश के अलग-अलग हिस्सों से मानसून की बारिश का लौटना जारी है। आईएमडी के अनुसार, जैसे-जैसे मानसून लौट रहा है, गुरुवार को दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है।
केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश की बहुत ज्यादा संभावना है।
इस बीच, गुरुवार को केरल, तटीय कर्नाटक और कर्नाटक के दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
कर्नाटक में बुधवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश का दौर देखा गया। तुमकुरु जिले के किब्बानहल्ली में 10 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो इस दौरान आईएमडी द्वारा दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश थी।
केरल और माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की बहुत ज्यादा संभावना है।
आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है, जबकि आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर में, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर सितंबर के मध्य में उत्तर-पश्चिम भारत से लौटना शुरू करता है और अक्टूबर के मध्य तक देश से पूरी तरह लौट जाता है।
इस साल, मानसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर (पंजाब), चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश), अलीगढ़ (यूपी), धौलपुर, उदयपुर और डीसा (राजस्थान) से होकर गुजर रही है और आगे गुजरात में नलिया तक जा रही है।
आईएमडी ने कहा है कि अगले दो-तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए हालात अनुकूल होने की संभावना है।
गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों के साथ-साथ पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसे ही हालात बनने की उम्मीद है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मानसून की वापसी हो सकती है।
इस बीच, दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मॉडरेट’ (सामान्य) श्रेणी में बनी रही और कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया।
एक्यूआई रीडिंग में मंदिर मार्ग (150), आया नगर (135), सीआरआरआई मथुरा रोड (198), पूसा (22), सिरी फोर्ट (171), आईजीआई एयरपोर्ट टी3 (155), कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (179), आईआईटी दिल्ली (249), आनंद विहार (98), नजफगढ़ (144), जहांगीरपुरी (207), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (173), सोनिया विहार (151), कैंटोनमेंट एरिया (106) और नरेला (189) शामिल हैं।
