अबू धाबी, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से अस्पताल में मुलाकात की और उनके साहस की सराहना की।
हमदान बिन मोहम्मद ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की… फ्लाईदुबई के इस पायलट ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति चिंता की सर्वोच्च मिसाल पेश की। हमारी ओर से और देश के नेतृत्व की ओर से उन्हें पूरा सम्मान और प्रशंसा। हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं, हमारे देश की कहानी का हिस्सा हैं और यूएई की पहचान का हिस्सा हैं… एक ऐसे देश की, जो करुणा, शांति और जीवन को महत्व देता है।”
हमदान बिन मोहम्मद यूएई के रक्षा मंत्री और दुबई की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष भी हैं।
इससे पहले यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि कैप्टन मच्छार इलाज के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। भारतीय मिशन ने कहा कि वह उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है तथा उनके इलाज और जल्द स्वस्थ होने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
भारतीय मिशन ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीय बहादुर कैप्टन स्मित मच्छार बेहतरीन चिकित्सा देखभाल में हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और जल्द स्वस्थ होने के लिए सहयोग कर रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद। हम भी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभचिंतकों की प्रार्थनाओं में शामिल हैं।”
बुधवार को दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हवा में हमले की घटना के दौरान कैप्टन मच्छार घायल हो गए थे। घटना के दौरान एक अन्य पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा।
घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू कर लिया।
हमलावर के काबू में आने के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया गया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने घटना के समय उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनके प्रयासों से विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाने में मदद मिली।
