नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के आठवें संस्करण की समय सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है। इससे लोगों को 30 स्मृति चिह्नों के लिए बोली लगाने का अतिरिक्त समय मिलेगा। इनमें मूर्तियां और कलाकृतियां शामिल हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं।
पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, यह नीलामी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को शुरू हुई थी और 2 अक्टूबर को समाप्त होनी थी।
इस बार नीलामी में विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां, धार्मिक वस्तुएं, हस्तनिर्मित सामान और संस्थानों से जुड़े स्मृति चिह्न शामिल किए गए हैं। लोग इन्हें यादगार वस्तु के रूप में खरीद सकते हैं। नीलामी से मिलने वाली राशि ‘नमामि गंगे परियोजना’ के लिए दी जाएगी।
नीलामी के लिए रखे गए 30 स्मृति चिह्नों में नौ फोटो फ्रेम, नौ स्मृति चिह्न और छह मूर्तियां एवं प्रतिमाएं शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो के दो मॉडल, खेल से जुड़ी एक यादगार वस्तु, एक पेंटिंग और कला एवं हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुएं भी नीलामी का हिस्सा हैं।
इस संग्रह में भारत की धार्मिक परंपराओं से जुड़े कई स्मृति चिह्न भी शामिल हैं। इनमें चार वस्तुएं भगवान राम या रामायण के दृश्यों को दर्शाती हैं। इनमें राम दरबार की मूर्ति, केवट के साथ नदी पार करते भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को दर्शाती पीतल की पट्टिका, पालम गांव के संत दादा देव की पेंटिंग और लकड़ी से बनी रामलला की नक्काशीदार प्रतिमा शामिल है।
स्मृति चिह्नों में बौद्ध धर्म के आठ शुभ प्रतीकों को दर्शाने वाली एक कलाकृति भी शामिल है। इसे ‘अष्टमंगल के आठ शुभ प्रतीक’ के रूप में भी जाना जाता है। बौद्ध परंपरा में इनका विशेष आध्यात्मिक महत्व है और इन्हें भगवान बुद्ध की शिक्षाओं एवं ज्ञान प्राप्ति से जोड़ा जाता है।
नीलामी में दिल्ली के कई प्रमुख संस्थानों और इमारतों को दर्शाने वाले स्मृति चिह्न भी शामिल हैं।
एक फ्रेम वाली कलाकृति में सेंट स्टीफंस कॉलेज को दिखाया गया है। वहीं, पुराने सचिवालय भवन का क्रिस्टल स्मृति चिह्न और नए संसद भवन को दर्शाती कपड़े पर बनी कलाकृति दिल्ली की संस्थागत विरासत के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती है।
संग्रह में उपलब्ध वस्तुएं उपलब्धियों, सार्वजनिक सेवा और व्यक्तिगत कला को भी दिखाती हैं।
इनमें रोहिणी के एक छात्र द्वारा बनाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेंसिल से तैयार बेहद बारीक तस्वीर भी शामिल है।
पैरालंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथुनिया का डिस्कस भी नीलामी में रखा गया है, जो खेल उपलब्धि और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
एनसीसी का सोने की पॉलिश वाला ‘परम वीर माटी कलश’ सेवा और स्मरण की भावना को दर्शाता है। इसके अलावा, प्राकृतिक बोधि पत्ते पर बारीकी से तैयार किया गया एक चित्र भी संग्रह में शामिल है।
नीलामी की तारीखों, इसमें भाग लेने की प्रक्रिया और सभी स्मृति चिह्नों की जानकारी आधिकारिक पीएम मेमेंटोज ई-ऑक्शन पोर्टल पर उपलब्ध है।
