अकरा, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को घाना की राजधानी अकरा पहुंचे। भारत और घाना के बीच व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जयशंकर दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।
घाना पहुंचने के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “आज अकरा, घाना पहुंचकर खुशी हुई। विदेश मंत्री सैम ओकुडजेतो अबलाक्वा द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत की सराहना करता हूं। व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत की उम्मीद है।”
घाना के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि जयशंकर की यात्रा दोनों देशों के बीच एकजुटता और साझा मूल्यों के मजबूत संबंधों को नए सिरे से आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।
घाना के विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर 6 और 7 अक्टूबर को घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेतो अबलाक्वा के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा पर हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों को एकजुटता और साझा मूल्यों के अपने मजबूत संबंधों को और प्रगाढ़ करने का अवसर देगी।
यात्रा के दौरान दोनों पक्ष राष्ट्रपति जॉन द्रुमानी महामा की ‘अकरा रीसेट’ सोच के तहत फार्मास्युटिकल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण और वैल्यू एडिशन, औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन के एजेंडे को समर्थन देने तथा छात्रवृत्ति और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार करने पर भी बातचीत होगी।
घाना के बाद जयशंकर कोटे डी आइवोर और इथियोपिया की यात्रा पर जाएंगे। उनकी यह पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा 6 से 10 अक्टूबर तक है। इसका उद्देश्य इन तीनों अफ्रीकी देशों के साथ भारत की द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी मित्रता और सहयोग से जुड़े करीबी संबंधों की समीक्षा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत में व्यापार एवं आर्थिक संबंध, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी साझा हितों के दृष्टिकोण का आदान-प्रदान होगा।
इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में जयशंकर क्षेत्रीय प्रमुख मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री की यह यात्रा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इससे ग्लोबल साउथ के साथ भारत की एकजुटता को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
