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संयुक्त राष्ट्र पहुंचते ही जयशंकर की तेज रफ्तार कूटनीति, फ्रांस और इक्वाडोर के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

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संयुक्त राष्ट्र, 21 सितंबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले सोमवार को तेज रफ्तार कूटनीतिक बैठकों का दौर शुरू करते हुए फ्रांस और इक्वाडोर के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की।

जयशंकर ने फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो से मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा कि नियमित बैठकें और टेलीकॉन्फ्रेंस भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की गति बनाए रखने में मदद करती हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र के संकट समेत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार सहित विभिन्न बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

इसके बाद जयशंकर ने इक्वाडोर के विदेश मंत्री रोबर्टो क्यूरी से मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, लोगों की आवाजाही, कौशल प्रशिक्षण, विकास साझेदारी और संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत और फ्रांस ने फरवरी 2026 में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के संयुक्त बयान में कहा गया था कि यह साझेदारी आने वाले दशकों में दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करेगी। रक्षा सहयोग के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त विकास इसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के साथ अपने जुड़ाव को आगे बढ़ाते हुए भारत ने दक्षिण अमेरिका के प्रशांत तट पर स्थित तेल समृद्ध देश इक्वाडोर के साथ भी संबंध मजबूत किए हैं। प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स दोनों देशों के सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं।

पिछले पांच वर्षों में भारत ने 223 इक्वाडोरियन पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया है। वहीं, इक्वाडोर के एक विश्वविद्यालय में भारत द्वारा स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से 813 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। भारत से इक्वाडोर को फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात भी दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।