नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की ओर से ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ में एक स्तूप समर्पित किए जाने से वह बेहद भावुक और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह सम्मान भारत की जनता की ओर से स्वीकार किया।
फेसबुक पर एक संदेश में पीएम मोदी ने कहा, “भूटान के राजा और वहां के लोगों की इस विशेष आत्मीयता और उदारता से मैं बहुत प्रभावित हूं। मैं भारत के लोगों की ओर से इसे गहरी कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं। ‘जांगचुप चोर्टेन’ (स्तूप) हमारी साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत तथा दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती के विशेष रिश्तों का स्थायी प्रतीक बना रहेगा।”
यह स्तूप रविवार को ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ में 108 स्तूपों के निर्माण के बाद प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित किया गया था। भूटान के राजा और भारत के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मिलकर 76वें स्तूप को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित किए जाने वाली पट्टिका का अनावरण किया।
राजा नामग्याल वांगचुक ने कहा, “एक नवंबर 2026 को गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 स्तूपों के निर्माण के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में यह विशेष समर्पण किया गया। भूटान के राजा और भारत के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 76वें स्तूप को प्रधानमंत्री के नाम समर्पित करने वाली पट्टिका का अनावरण किया।”
इस समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किरेन रिजिजू ने किया। कार्यक्रम का नेतृत्व भूटान के राजा ने किया था, जिसमें 108 स्तूपों की स्थापना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। बताया गया कि हजारों स्वयंसेवकों ने केवल एक दिन में इन 108 स्तूपों का निर्माण किया। प्रत्येक स्तूप की ऊंचाई 15 मीटर है और उन्हें असम सीमा के पास आई (माउ) नदी के किनारे 108 मीटर की दूरी पर बनाया गया है।
भूटान के राजा ने कहा कि यह समर्पण प्रधानमंत्री मोदी की लगातार प्रतिबद्धता और गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के उनके विजन को साकार करने में भारत के मजबूत समर्थन के प्रति उनकी गहरी सराहना का प्रतीक है। किरेन रिजिजू ने भी इस सम्मान के लिए भूटान के राजा का दिल से धन्यवाद किया और गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।
इस आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए भारत ने असम के हतिसार में एक विशेष अस्थायी इमिग्रेशन सुविधा की भी मंजूरी दी थी, जिससे अन्य देशों के नागरिकों के आने-जाने में आसानी हो सके। इससे पहले सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भूटान यात्रा के दौरान गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को लेकर राजा नामग्याल वांगचुक के विजन के प्रति भारत सरकार का समर्थन दोहराया था।
भारत ने हतिसार में एक स्थायी ‘इमिग्रेशन चेक पोस्ट’ स्थापित करने की प्रतिबद्धता भी जताई है, जिससे निवेशकों और पर्यटकों की गेलेफू तक आवाजाही आसान हो सकेगी। यह परियोजना भारत और भूटान के बीच गहरे और भरोसेमंद संबंधों का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
