मुंबई, 14 मई (आईएएनएस)। एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक की कथित घटना से पता चलता है कि पूरी परीक्षा प्रणाली बुरी तरह से चरमरा गई है।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने कथित अनियमितताओं के बाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) स्नातक परीक्षा 2026 रद्द कर दी।
मीडिया को संबोधित करते हुए पवार ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में पेपर लीक के कई मामलों के बावजूद केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम नहीं उठाए।
उन्होंने आगे कहा कि देश भर से लाखों छात्र नीट परीक्षा में शामिल होते हैं और उनका भविष्य इस पर निर्भर करता है। इसके बावजूद, जो अनियमितताएं सामने आई हैं वे बेहद गंभीर हैं।
एनसीपी-एसपी प्रमुख ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे सामने आए हैं।
इससे पता चलता है कि पूरी व्यवस्था कितनी बुरी तरह से बिगड़ चुकी है, और अंततः इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
पवार ने यह भी रेखांकित किया कि छात्रों को सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात अनिश्चितता है, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि ये परीक्षाएं दोबारा कब आयोजित की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति को लेकर काफी चिंता का माहौल है।
इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या सात हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की पहचान अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडा और पुणे निवासी मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है।
परीक्षा में कथित धांधली की चल रही जांच के तहत पिछले 24 घंटों में एजेंसी द्वारा देश भर में 14 स्थानों पर किए गए व्यापक तलाशी अभियान के दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई।
दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए सात दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

