Sunday, July 12, 2026
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ईपीएफओ ने 6 महीने के लिए लागू एमनेस्टी स्कीम के तहत पीएफ ट्रस्ट से आवेदन मंगाए

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नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से रविवार को छह महीने के लिए एमनेस्टी स्कीम के तहत प्रोविडेंट फंड से आवेदन मंगाए हैं।

रविवार को घोषणा की गई कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने प्रोविडेंट फंड (पीएफ) ट्रस्ट से एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह योजना छह महीने के लिए लागू रहेगी।

ईपीएफओ की ओर से ‘एमनेस्टी स्कीम, 2026’ (29 जून को नोटिफाई की गई) शुरू की है। यह स्कीम के तहत इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त ‘एग्जेम्प्टेड पीएफ ट्रस्ट’ (छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्ट) चलाने वाले संस्थानों को अपने स्टेटस को रेगुलर करने का एक बार का मौका दिया जाएगा।

श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से कहा गया, “नियोक्ताओं, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे इस स्कीम पर ध्यान दें, जो छह महीने तक खुली रहेगी।”

यह स्कीम उन संस्थानों पर लागू होती है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट चला रहे हैं, लेकिन उनके पास संबंधित सरकार (केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो) से छूट का कोई औपचारिक नोटिफिकेशन नहीं है।

योग्य संस्थान वे हैं जो ट्रस्ट को पिछले समय से रेगुलर करवाना चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही ‘नॉन-एग्जेम्प्टेड संस्थान’ (छूट न प्राप्त संस्थान) के तौर पर नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है या जो ‘नॉन-एग्जेम्प्टेड संस्थान’ के तौर पर आगे नियमों का पालन करने का विकल्प चुन रहे हैं; और वे भी जो ट्रस्ट को पिछले समय से रेगुलर करवाना चाहते हैं और ‘कोड ऑफ सोशल सिक्योरिटी, 2020’ के तहत ‘एग्जेम्प्टेड संस्थान’ के तौर पर काम जारी रखना चाहते हैं।

ईपीएफओ की ओर से कहा गया, “ट्रस्ट के बनने के समय से लेकर तय कट-ऑफ तारीख तक छूट का स्टेटस और ट्रस्ट की मान्यता दी जाएगी। कर्मचारियों की कम से कम संख्या और कॉर्पस साइज (फंड की राशि) के नियमों में छूट दी गई है। 3 साल तक पहले से नियमों का पालन करने की शर्त को पूरा माना जाएगा।”

संगठन ने कहा, “बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज के लिए लंबित असेसमेंट (मूल्यांकन) वापस ले लिए जाएंगे और खत्म माने जाएंगे, बशर्ते सदस्य खातों को कानूनी दरों के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और योगदान मिला हो। पहले से फाइनल किए गए आदेशों को शुरू से ही अमान्य माना जाएगा।”

आधिकारिक बयान में कहा गया, “योग्य संस्थान केंद्र सरकार को संबोधित एक औपचारिक आवेदन जमा करेंगे। आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल के जरिए जमा किए जा सकते हैं।