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अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना विकल्प नहीं, जिम्मेदारी है: एंटोनियो कोस्टा

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न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (आईएएनएस)। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) को अपना समर्थन एक बार फिर दोहराया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की जनरल डिबेट में अपने संबोधन के दौरान कोस्टा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मामले में दोहरा रवैया नहीं अपनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया में जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होते हुए देखा जा रहा है।

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के मुताबिक, कोस्टा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और उसकी रक्षा करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।

आईसीजे और आईसीसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हम मजबूती से इन संस्थाओं के साथ खड़े हैं और उनकी स्वतंत्रता, उनकी गरिमा और बिना किसी रुकावट के अपनी जिम्मेदारी निभाने की उनकी क्षमता की रक्षा करेंगे।”

उन्होंने कहा क‍ि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, उसके अधिकारियों या कर्मचारियों को धमकी देना या उन पर हमला करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। जवाबदेही इस बात पर निर्भर नहीं हो सकती कि राजनीतिक रूप से किसी के लिए क्या सुविधाजनक है।

कोस्टा ने ‘एक्‍स’ पर अपने यूएनजीए संबोधन की जानकारी देते हुए कहा कि आज की बड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने का बहुपक्षीय सहयोग ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।

इन चुनौतियों में उन्होंने शांति और सुरक्षा, जलवायु संकट, आर्थिक असुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को शामिल किया।

उन्होंने कहा क‍ि यूरोपीय संघ का संदेश साफ है। हमें ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था चाहिए जो मजबूत, असरदार और सही प्रतिनिधित्व वाली हो और लोगों के लिए नतीजे दे सके।

कोस्टा ने बताया कि इसी मकसद से इस हफ्ते यूरोपीय संघ ने ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, भारत और केन्या के साथ मिलकर पी4एम यानी पार्टनर्स फ़ॉर मल्टीलेटरलिज़्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी की शुरुआत की है।

कोस्टा ने कहा कि साझा प्रतिबद्धता को ठोस कदमों में बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रूस की आक्रामक कार्रवाई खत्म होनी चाहिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए न्यायपूर्ण और लंबे समय तक कायम रहने वाली शांति हासिल की जानी चाहिए।

उन्होंने गाजा और फिलिस्तीन में आम नागरिकों की तकलीफ खत्म करने और टू-स्टेट सॉल्यूशन यानी इजरायल और फिलिस्तीन के लिए अलग-अलग दो देशों के समाधान को आगे बढ़ाने की भी बात कही। साथ ही कोस्टा ने ईरान से जुड़े संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “जब हम मिलकर काम करते हैं, तो बहुपक्षीय व्यवस्था लोगों के लिए नतीजे देती है।”