SGSU Advertisement
Home राजनीति केएसयू मामला: महिला एसआई ने फर्जी बयान तैयार करने का लगाया आरोप

केएसयू मामला: महिला एसआई ने फर्जी बयान तैयार करने का लगाया आरोप

0
5

तिरुवनंतपुरम, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल की पूर्व मंत्री वीना जॉर्ज पर केएसयू कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हमले की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि मूल जांच टीम ने उनके नाम से एक फर्जी बयान तैयार किया था। वहीं, केरल की पूर्व मंत्री के पूर्ववर्ती गनमैन को अपनी गवाही से मुकर जाने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

दीप्ति जो उस समय कन्नूर टाउन की एसआई थी और कन्नूर रेलवे स्टेशन पर वीणा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही थीं, उन्होंने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को बताया कि शुरुआती जांचकर्ताओं ने कभी उनका बयान दर्ज ही नहीं किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम पर एक झूठा बयान दर्ज किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे प्लेटफॉर्म पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मंत्री का संतुलन बिगड़ गया था।

इस खुलासे ने शुरुआती जांच के तौर-तरीकों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी जांच के आधार पर केएसयू के पांच कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। वे कई दिनों तक जेल में रहे और अब जमानत पर बाहर हैं।

एसआईटी, वीणा के पूर्व गनमैन अभिलाष के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने के लिए पुलिस महानिदेशक को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रही है।

शुरुआत में अभिलाष ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों ने हथियारों का इस्तेमाल करके मंत्री पर हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में उसने एसआईटी को बताया कि उसने किसी को भी उन पर हमला करने की कोशिश करते हुए नहीं देखा था।

जांच से सामने आई जानकारी के अनुसार, अभिलाष ने यह भी दावा किया कि उसने अपना पिछला बयान वीणा के कहने पर दिया था। एसआईटी इस बयान के पलटे जाने को गंभीरता से ले रही है और उम्मीद है कि वह अपनी जांच के नतीजों को डीजीपी को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में विस्तार से बताएगी।

इन नए खुलासों के बाद शुरुआती जांच करने वाले अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। अब एसआईटी को यह जांचना पड़ सकता है कि क्या बयान और सबूत गलत तरीके से दर्ज किए गए थे।

टीम ने उस रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर से भी पूछताछ करने का फैसला किया है, जिसने गनमैन के शुरुआती बयान के आधार पर मामला दर्ज किया था।

एसआईटी ने अब तक विरोध प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के संबंध में सभी पांच आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिनमें केएसयू के जिला अध्यक्ष एम.सी. अतुल भी शामिल हैं।

इन नए घटनाक्रमों को देखते हुए, वीणा का बयान भी फिर से विस्तार से दर्ज करना पड़ सकता है। इससे पहले एसआईटी उनके आवास पर गई थी और उनका शुरुआती बयान दर्ज किया था।

इन नए खुलासों ने शुरुआती जांच की पड़ताल को और तेज कर दिया है। एसआईटी की जांच के नतीजों से यह तय होगा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कोई विभागीय या आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए या नहीं।

प्लेटफॉर्म पर मौजूद न्यूज वीडियोग्राफरों द्वारा ली गई तस्वीरों में पूरी घटना सामने आने के बाद, वीणा की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। उन पर और उस समय उनके बर्ताव पर तंज कसते हुए कई रील्स सामने आईं।

राज्य में उस समय सत्ता में रही सीपीआई (एम) ने उन पर हुए हमले के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन किया था लेकिन अब जब वे खुद मुश्किल में हैं, तो उनका बचाव करने के लिए एक भी नेता आगे नहीं आया है।

अरनमुला विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी जीत की उम्मीद लगाए बैठीं वीणा अपनी मौजूदा विधानसभा सीट भी हार गईं।