SGSU Advertisement
Home मनोरंजन रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ की कहानी बड़े पर्दे पर लाएंगे करण...

रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ की कहानी बड़े पर्दे पर लाएंगे करण जौहर, इस दिन रिलीज होगी फिल्म

0
6

मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की नींव रखने वाले दिग्गज जासूस रामेश्वर नाथ काओ की कहानी अब बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी। करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस और लियो मीडिया कलेक्टिव ने आर.एन. काओ की जिंदगी और उनके काम पर बनने वाली एक बड़े स्तर की स्पाई एक्शन फिल्म की घोषणा कर दी है।

फिल्म का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन इसकी रिलीज डेट लॉक कर दी गई है। यह फिल्म 11 अगस्त 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

करण जौहर इससे पहले ‘केसरी’, ‘राजी’, ‘शेरशाह’ और ‘केसरी: चैप्टर 2’ जैसी फिल्मों के जरिए देश से जुड़ी कहानियों और अनसुने किरदारों को पर्दे पर ला चुके हैं। अब वह फिल्म रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ के सफर को पर्दे पर दिखाएंगे।

रॉ की स्थापना 1968 में हुई थी। मेकर्स का लक्ष्य 2028 में एजेंसी के 60 साल पूरे होने के आसपास इस कहानी को बड़े पर्दे पर लाना है। फिल्म को फिलहाल डेवलपमेंट स्टेज में रखा गया है।

करण जौहर ने फिल्म को लेकर कहा, ”लियो मीडिया कलेक्टिव पिछले दो साल से इस कहानी पर काफी रिसर्च और काम कर रहा है। हम इस कहानी को सच्ची घटनाओं पर आधारित एक रोमांचक फिल्म के रूप में पेश करना चाहते हैं। फिल्म के जरिए रॉ को श्रद्धांजलि देने और एजेंसी की महत्वपूर्ण विरासत को बड़े पर्दे पर सम्मान देने की कोशिश की जाएगी। धर्मा प्रोडक्शन की पूरी टीम इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए काफी उत्साहित है।”

फिल्म की कहानी लेखक नितिन गोखले की किताब ‘जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ पर आधारित होगी। इसमें आर.एन. काओ के 1955 से 1971 तक के सफर को दिखाया जाएगा। कहानी उस दौर पर फोकस करेगी जब भारत में एक अलग बाहरी खुफिया एजेंसी की जरूरत महसूस हुई और आगे चलकर रॉ का गठन हुआ। इसके बाद 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान एजेंसी के शुरुआती मिशन को भी कहानी में जगह दी जाएगी।

आर.एन. काओ को भारतीय जासूसी व्यवस्था के सबसे अहम नामों में गिना जाता है। 1968 में रॉ की स्थापना के बाद वह इसके पहले प्रमुख बने थे। वह भारत की बाहरी खुफिया व्यवस्था को एक अलग पहचान देने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने वाले प्रमुख लोगों में से एक है। उनकी कहानी में जासूसी, रणनीति, राजनीति और देश की सुरक्षा से जुड़े कई अहम पहलू शामिल हैं।