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नेपाल त्रासदी : आपदा के नौ द‍िन बाद पत‍ि के ज‍िंदा म‍िलने की खुशी, महिला के चेहरे पर लौटी मुस्‍कान

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काठमांडू, 4 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल के बाढ़ प्रभावित अपर त्रिशूली 3-ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से बचाए गए संजय साह की पत्नी लक्ष्मी कुमारी साह अपने पति के जिंदा मिलने से बेहद खुश हैं। संजय साह और एक अन्‍य कर्मचारी को शुक्रवार सुबह नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त टीम ने सुरंग के अंदर से सुरक्षित बाहर निकाला। यह परियोजना प‍िछले सप्‍ताह आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित हुई थी।

30 वर्षीय संजय साह इस परियोजना में फोरमैन के तौर पर काम करते थे और नेपाल के दक्षिणी जिले सप्तरी के रहने वाले हैं। उनके साथ परियोजना के हाइड्रोपावर ऑटोमेशन विभाग में सुपरवाइजर के रूप में काम करने वाले 45 वर्षीय कबीर महर्जन को भी जिंदा बचाया गया।

लक्ष्मी कुमारी साह ने आईएएनएस से कहा, “मेरे पति के सुरक्षित बच जाने की खबर से मैं बहुत खुश हूं। इससे पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। मैं घर पर थी जब शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे उनके बचाए जाने की खबर मिली। इस खबर ने हमारे परिवार को अपार खुशी दी है।”

लक्ष्मी ने कहा कि वह अपने पति से मिलने के लिए काठमांडू जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 9 दिन उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद दुख और चिंता में बीते।

इससे पहले नेपाली सेना ने बताया था कि सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार कोशिशों के बाद इन दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार गुरुवार शाम तक 5,053 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाली सेना ने पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, “अंधेरे के बाद जिंदगी ने फिर रोशनी देखी है। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर से दो लोगों को जिंदा न‍िकाला गया है। बचाव अभियान जारी है।”

इन दोनों लोगों के जिंदा बचाए जाने से यह उम्मीद फिर से मजबूत हुई है कि बाढ़ से प्रभावित अन्य जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकाला जा सकता है।

निजी क्षेत्र के बिजली उत्पादकों के संगठन इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने गुरुवार शाम बताया था कि बाढ़ से प्रभावित 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम कर रहे करीब 945 लोगों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है।