हैदराबाद, 20 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने रविवार को साफ किया कि सरकार दलितों की एक इंच जमीन भी नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि दलितों और आदिवासियों से जमीन छीनना जनता की सरकार की नीति नहीं है।
श्रीनिवास रेड्डी ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार दलितों की जमीन की पूरी तरह रक्षा करेगी और उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
मंत्री ने दलितों से कहा, ”सरकार आपकी एक इंच जमीन भी नहीं लेगी। इस सरकार का आपकी जमीन अधिग्रहीत करने का कोई इरादा नहीं है। आपको अपनी जमीन को लेकर किसी तरह का डर या चिंता नहीं होनी चाहिए। जनता की सरकार आपके साथ खड़ी है।”
मंत्री की यह सफाई उन खबरों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि राजस्व अधिकारियों ने एर्रावल्ली गांव के 120 दलित किसानों को नोटिस जारी किए हैं। किसानों से अपनी जमीन के मालिकाना हक से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह विधानसभा में घोषणा की थी कि सरकार सिद्दीपेट जिले के एर्रावल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस की जांच कराएगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि यह फार्महाउस 700 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 388 एकड़ सरकारी जमीन शामिल है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड की जांच, सर्वे और जमीन से जुड़े मामलों के समाधान जैसी प्रक्रियाओं को लोगों की जमीन छीनने की कोशिश के रूप में देखना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों के जमीन से जुड़े अधिकारों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड करना, जमीन के विवादों को सुलझाना और इन अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग जानबूझकर दलितों की जमीन को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं और डर का माहौल बना रहे हैं। वे अपने निजी स्वार्थ के लिए दलितों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा, ”दूसरे लोग क्या कह रहे हैं, उससे डरने की जरूरत नहीं है। सरकार आपकी जमीन को लेकर स्पष्ट भरोसा देती है। तथ्यों की जांच किए बिना किसी भी गलत प्रचार पर विश्वास न करें।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन लोगों की कोशिशों को समझें जो दलितों को उनकी जमीन के मुद्दे पर भड़काकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से उठाया गया हर कदम कानून के मुताबिक और पारदर्शी है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, गरीबों का कल्याण और समाज के वंचित वर्गों का उत्थान हमेशा कांग्रेस सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है।
पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने याद दिलाया कि केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर कांग्रेस सरकारों ने गरीबों, दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों का भूमिहीन दलितों को जमीन देने और भूमि सुधार तथा जमीन वितरण जैसी योजनाओं के जरिए उन्हें जमीन पर मालिकाना हक दिलाने का इतिहास रहा है।
उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना क्षेत्र में दलितों को लगभग 25 लाख एकड़ जमीन बांटने और आदिवासी समुदायों को करीब 2 लाख एकड़ ‘पोडु’ जमीन पर अधिकार देने का श्रेय कांग्रेस पार्टी को जाता है। पोडु जमीन वह वन भूमि है जिस पर आदिवासी समुदाय पारंपरिक खेती करते हैं। सरकार ने आदिवासियों को यह अधिकार देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नीति भूमिहीन लोगों को जमीन देने और जिन लोगों के पास अधिकार नहीं हैं, उन्हें अधिकार दिलाने की है। जनता की सरकार दलितों और आदिवासी समुदायों के जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ेगी।
केसीआर को ‘दोरा’ (सामंती जमींदार) बताते हुए मंत्री ने लोगों से बीआरएस प्रमुख पर भरोसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केसीआर ने सत्ता में आने पर दलितों को तीन एकड़ जमीन देने का वादा किया था, लेकिन बाद में उस वादे को नजरअंदाज कर दिया।
