गांधीनगर, 20 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने एक नई ग्रामीण अवसंरचना योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य भर के गांवों में 500 लोगों की क्षमता वाली सामुदायिक सुविधाएं बनाई जाएंगी। इनका उपयोग सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा और साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आपातकालीन आश्रय के रूप में भी कार्य करेगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया।
निर्णय की घोषणा करते हुए सरकारी प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि ‘अटलवाड़ी योजना’ को राज्य के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से मंजूरी दी गई है।
मंत्री वाघानी ने आगे कहा कि इस योजना के तहत, गांवों में 500 लोगों की क्षमता वाली ‘अटलवाड़ियों’ का निर्माण किया जाएगा ताकि सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रम एक ही छत के नीचे आयोजित किए जा सकें।
मंत्री के अनुसार, प्रत्येक अटलवाड़ी में एक मेहराबदार शेड वाला एक बड़ा खुला हॉल, एक रसोईघर, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल की बुनियादी व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
मंत्री वाघानी ने कहा कि इस निर्णय से सामान्य और मध्यम वर्ग के ग्रामीण परिवारों को विवाह समारोहों, सामाजिक समारोहों और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए उचित किराए पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि अटलवाड़ी योजना के तहत सुविधाएं उनके अपने गांवों में ही उपलब्ध होंगी, जिससे नागरिकों को खर्चों में काफी बचत होगी।
मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं, चक्रवातों और भारी बारिश जैसी आपात स्थितियों में भी इन ढांचों का उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय, इस भौतिक ढांचे का उपयोग ग्रामीणों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में किया जा सकता है।
मंत्री वाघानी ने कहा कि अटलवाड़ियों के निर्माण के लिए भूमि का चयन ग्राम पंचायतों के स्वामित्व वाले खुले स्थानों, पंचायतों द्वारा निर्धारित भूखंडों या गांव के मुख्य मंदिर या पर्यटन स्थल के पास स्थित सार्वजनिक स्थानों में से किया जाएगा।

