अहमदाबाद, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार को गुजरात में हो रहे स्थानीय स्वशासन चुनावों में अपना वोट डालने के लिए अहमदाबाद में पहुंचने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी के अहमदाबाद के रानीप इलाके में स्थित निशान स्कूल के मतदान केंद्र पर वोट डालने की उम्मीद है, जबकि अमित शाह शहर के किसी मतदान केंद्र पर अपना वोट डालेंगे। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भागीदारी ऐसे समय में हो रही है, जब हाल के वर्षों में राज्य में नगर निगमों, नगरपालिकाओं और पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े स्थानीय निकाय चुनावों का सबसे बड़ा दौर शुरू है।
पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के शहर के थलतेज इलाके से वोट डालने की उम्मीद है, जबकि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल के नवसारी में अपना वोट डालने की संभावना है।
राज्य भर में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से हो रहा है और वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
चुनाव में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। लगभग 50,000 मतदान केंद्रों पर 4.19 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मतदान करने की उम्मीद है।
यह चुनाव बहुकोणीय होने की आशंका है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय उम्मीदवार राज्य भर में अपने उम्मीदवार उतार रहे हैं।
कुल मिलाकर, नाम वापस लेने के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में बने हुए हैं, जबकि कई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। यह चुनाव चक्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद आयोजित होने वाला पहला चुनाव है, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए मौजूदा कोटा के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन निकायों की संरचना को नया रूप देने की उम्मीद है।
भाजपा के जगदीश विश्वकर्मा ने शनिवार को पूरे राज्य के नागरिकों से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की थी। विश्वकर्मा ने कहा, “स्थानीय स्व-शासन संस्थाएं लोकतंत्र की नींव हैं। एक जागरूक नागरिक के तौर पर वोट देना हमारा पवित्र कर्तव्य है। हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए बुनियादी है।”
विश्वकर्मा ने ‘पहले वोट, फिर जलपान’ का नारा भी दिया और वोटरों से वोटिंग के दिन अपने परिवारों के साथ पोलिंग स्टेशनों पर पहुंचने की अपील की।

