गांधीनगर, 10 सितंबर (आईएएनस)। गुजरात सरकार ने गुरुवार को सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती मनाने के मकसद से कई प्रोजेक्ट्स के लिए 231 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 15वीं गुजरात विधानसभा के नौवें सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में नियम 44 के तहत यह घोषणा की।
‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत, प्रस्तावित आवंटन में शिक्षा, हॉस्टल, लाइब्रेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, एक आश्रम के विकास और अनुसूचित जातियों के संतों से जुड़े परिसरों के आधुनिकीकरण के लिए फंड शामिल है।
सरकार ने राज्य स्तर पर डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर भवन के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है, जिसमें शिक्षा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की क्लास जैसी सुविधाएं होंगी।
संत शिरोमणि गुरु रविदासजी महाराज विद्याश्रय योजना के तहत कॉलेज के छात्रों के लिए हॉस्टल और पीजी सहायता के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
जूनागढ़ में भक्त कवि नरसिंह मेहता यूनिवर्सिटी में संत शिरोमणि गुरु रविदासजी महाराज चेयर सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
सरकार ने गुजरात की 70 यूनिवर्सिटीज में क्विज प्रतियोगिता, पुरस्कार, होर्डिंग और बैनर जैसी गतिविधियों के साथ-साथ गुरु रविदास के जीवन और कार्यों पर किताबें और ऑडियोबुक तैयार करने के लिए भी अनुदान का प्रस्ताव रखा है।
सभी तालुकाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 5.36 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि हर तालुका में एक समरस भवन और लाइब्रेरी बनाने के लिए 93.80 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
सरकार ने जूनागढ़ जिले के विसावदर तालुका के सरसाई गांव में आश्रम के समग्र विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। अनुसूचित जातियों के विभिन्न संतों की झोपड़ियों और आश्रमों वाले परिसरों के आधुनिकीकरण और नवीनीकरण के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
सीएम पटेल ने कहा कि इस पहल का मकसद गुरु रविदास से जुड़े सामाजिक सद्भाव के आदर्शों को और बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री पटेल ने अपने बयान में कहा, “गुरु रविदास जी महाराज न केवल एक संत थे, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय, प्रेम, करुणा और मानवता के अग्रदूत भी थे। उनका सपना सिर्फ एक समुदाय के कल्याण का नहीं, बल्कि पूरे देश के कल्याण का था।”
उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को तब साकार किया जा सकता है जब “हर गरीब को न्याय मिले, हर युवा को अवसर मिले, हर महिला को सम्मान मिले और हर नागरिक को विकास में समान भागीदारी मिले।”
गुरु रविदास की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके कई पवित्र भजन श्री गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल किए गए हैं और वे लोगों को सच्चाई, प्रेम, सेवा और अच्छे आचरण के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।”
उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” कहावत का भी जिक्र किया और कहा कि इससे यह संदेश मिलता है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों, विचारों, चरित्र और भक्ति से होती है, और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 231 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के माध्यम से आवंटित की जाएगी।
उन्होंने कहा, “ये परियोजनाएं गुरु रविदास के आदर्शों को अपनाकर और एक सामंजस्यपूर्ण व विकसित भारत बनाने में विकसित गुजरात की अगुवाई का लाभ उठाकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी योगदान देंगी।”
इस साल पूरे देश में ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत गुरु रविदास की 650वीं जयंती मनाई जा रही है। गुजरात ने भी इस साल की शुरुआत में जयंती समारोह के हिस्से के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए थे।
