चेन्नई, 8 नवंबर (आईएएनएस)। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को तमिलनाडु के सात जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे केरल तट के ऊपर बना वायुमंडलीय परिसंचरण राज्य भर में मौसम की स्थितियों को प्रभावित कर रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम और थूथुकुडी जिलों में दिन में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौजूदा एटमोस्फेरिक सिस्टम से तमिलनाडु के कई हिस्सों, खासकर कावेरी डेल्टा और दक्षिणी तटीय जिलों में भारी बारिश होने की उम्मीद है।
चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचिरापल्ली, अरियालुर और पेरम्बलुर जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान है। इसी तरह, शिवगंगा, इरोड, तिरुप्पुर, डिंडीगुल और मदुरै जिलों में भी हल्की बारिश होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने विरुधुनगर, थेनी, तेनकासी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। तमिलनाडु के दूसरे हिस्सों में गरज और बिजली कड़कने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
सोमवार को भी मौसम का सिस्टम एक्टिव रहने की उम्मीद है, इसके साथ ही तंजावुर, तिरुवरूर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, पुदुक्कोट्टई, शिवगंगा और रामनाथपुरम समेत सात जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
सोमवार को नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, विरुधुनगर, डिंडीगुल, मदुरै, थेनी और थूथुकुडी जिलों में भी हल्की बारिश की उम्मीद है।
अनुमान से पता चलता है कि कावेरी डेल्टा क्षेत्र में लगातार दो दिन भारी बारिश हो सकती है, जिससे खेती वाले इलाकों पर खास असर पड़ सकता है।
लगातार बारिश डेल्टा जिलों के लिए बहुत जरूरी है, जहां बड़े पैमाने पर धान की खेती मौसमी पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
हालांकि अच्छी बारिश से खेती के कामों को फायदा हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक भारी बारिश निचले इलाकों में खेती के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अगर थोड़े समय में तेज बारिश होती है, तो मौसम के हालात तटीय और अंदरूनी जिलों में सामान्य आवाजाही पर भी असर डाल सकते हैं।
अरब सागर और उससे सटे केरल तट पर एटमोस्फेरिक सर्कुलेशन अभी भी बारिश के पैटर्न पर असर डालने वाला मुख्य मौसम फीचर बना हुआ है।
