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केरल के समुद्री तट पर ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा, अलर्ट जारी

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तिरुवनंतपुरम, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के दक्षिणी तट पर समुद्र में हलचल और ऊंची लहरें उठने की संभावना है। इसी को लेकर अधिकारियों ने गुरुवार को मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है, क्योंकि इस इलाके पर ‘कल्लाक्कडल’ घटना का असर पड़ रहा है।

‘कल्लाक्कडल’ का असल मतलब है समुद्र में अचानक उठने वाली लहरें या तटीय इलाकों में अचानक पानी भर जाना, जो समुद्र में दूर तक उठने वाली लंबी लहरों (ओशन स्वेल) की वजह से होता है।

यह एक ऐसी घटना है, जिसमें दूर के मौसम सिस्टम से बनीं ताकतवर लहरें समुद्र से होती हुई तट तक पहुंचती हैं। इससे अक्सर समुद्र का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और निचले तटीय इलाकों में पानी भर जाता है, भले ही वहां कोई स्थानीय तूफान या चक्रवात न हो।

इसी को लेकर नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज (आईएनसीओआईएस) ने 27 अगस्त को सुबह 8.30 बजे से रात 11.30 बजे के बीच तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और अलाप्पुझा के तटों पर 0.9 से 1.2 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान लगाया है।

यह चेतावनी तिरुवनंतपुरम में कप्पिल से पोझियूर तक, कोल्लम में अलाप्पाड से एडवा तक और अलाप्पुझा में चेलानम से अझिक्कल जेटी तक के इलाकों के लिए है।

कन्याकुमारी तट पर स्थिति ज्यादा गंभीर होने की उम्मीद है, जहां गुरुवार को तड़के 2.30 बजे से रात 11.30 बजे के बीच 1.1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

तटीय इलाकों में पानी भरने और कटाव की आशंका को देखते हुए जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।

मछुआरों से कहा गया है कि जब लहरें तेज हों तो वे छोटी नावें और मछली पकड़ने वाली नावें न तो समुद्र में उतारें और न ही उन्हें किनारे पर लाएं, क्योंकि दोनों ही कामों में गंभीर जोखिम हो सकता है।

मछली पकड़ने वाली नावों को बंदरगाहों पर सुरक्षित रूप से खड़ा किया जाना चाहिए और नावों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जानी चाहिए, ताकि वे आपस में न टकराएं और मछली पकड़ने के उपकरणों को नुकसान न पहुंचे।

अधिकारियों ने लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने और आईएनसीओआईएस की चेतावनी वापस लिए जाने तक समुद्र से जुड़ी सभी मनोरंजक गतिविधियों से बचने की सलाह भी दी है।

अधिकारियों ने चेतावनी की अवधि के दौरान समुद्र तट पर पर्यटन और किनारे के पास अन्य गतिविधियां रोकने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से आग्रह किया गया है कि वे समुद्र के पानी के अचानक बढ़ने और तटीय कटाव को लेकर खास तौर पर सतर्क रहें, खासकर जोखिम वाले इलाकों में।