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मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान विरोध-प्रदर्शन करना ठीक नहीं, शांति बनाए रखना जरूरी: मंत्री बावनकुले

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नागपुर, 12 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि गणेशोत्सव के दौरान शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे उत्सव के दौरान मुंबई में विरोध-प्रदर्शन न करें।

उनका यह बयान मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की उस घोषणा के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने 19 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की बात कही है।

मंत्री बावनकुले ने नागपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि महाराष्ट्र के लगभग 18 जिलों में बारिश की कमी है, जिससे खड़ी फसलें सूख रही हैं। उन्होंने शुक्रवार को सभी जिला कलेक्टरों के साथ बैठक की थी और स्थिति की समीक्षा के लिए एक और फॉलो-अप बैठक तय की है।

मुंबई में 19 सितंबर से मनोज जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर टिप्पणी करते हुए मंत्री बावनकुले ने जोर दिया कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करने से स्थानीय निवासियों के लिए कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था के संबंध में मुंबई हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी राजनीतिक और सामाजिक समूहों से इस समय शहर में विरोध-प्रदर्शन से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “गणेशोत्सव देश का सबसे बड़ा त्योहार है और इस दौरान शांति बनाए रखना जरूरी है। किसी भी समुदाय चाहे हो, मराठा के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने राज्य सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा समुदाय की मांगों को पूरा करने के लिए फैसले लिए हैं। जनता दोनों नेताओं की व्यक्तिगत आलोचना को पसंद नहीं करती है, क्योंकि उनके कार्यकाल के दौरान मराठा समुदाय को काफी राहत दी गई है।

धैर्य रखने की अपील करते हुए उन्होंने समुदाय के नेताओं से कहा कि वे सरकार को बाकी चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त समय दें।

कृषि संकट पर ध्यान केंद्रित करते हुए राजस्व मंत्री ने जोर दिया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गंभीर सूखे का सामना कर रहे किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करना है, ताकि किसानों की आत्महत्या को रोका जा सके।

उन्होंने बताया, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य सचिव और मुझे तत्काल राज्यव्यापी सर्वेक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है। जिला कलेक्टरों को सरकारी नियमों के अनुसार स्थानीय स्तर पर राहत उपायों की योजना बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का आकलन करने वाली एक विस्तृत रिपोर्ट इस मंगलवार को मुख्यमंत्री के सामने पेश की जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक राहत पैकेज के लिए आगामी कैबिनेट बैठक में औपचारिक प्रस्ताव रखे जाएंगे।

मनोज जरांगे ने 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मुंबई तक मार्च करने की घोषणा की। अंतरवाली सराटी में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मार्च के विस्तृत रूट की घोषणा की और पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे उनके रास्ते में बाधा न डालें।

जरांगे ने कहा कि यह मार्च मराठा समुदाय के गौरव और अस्तित्व का प्रतीक है। उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले इलाकों के समर्थकों से अपील की कि वे बाहर निकलकर अपना आशीर्वाद दें, भले ही वे मुंबई तक न जा सकें। उन्होंने समुदाय के सदस्यों से यह भी कहा कि वे अपना काम रोक दें और तय तारीखों पर आंदोलन में शामिल हों।

उन्होंने कहा, “हम अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल करना चाहते हैं। अगर पुलिस हमें हाईवे पर कहीं भी रोकती है तो हम बैरिकेड्स को नहीं हटाएंगे और न ही अधिकारियों से भिड़ेंगे। जहां भी हमें रोका जाएगा, हम बस शांति से सड़क पर बैठ जाएंगे।”