सना, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने शनिवार को उत्तर-पश्चिमी यमन के हूती नियंत्रित इलाकों पर नए हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज के आसपास हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। यह जानकारी हूती समर्थित मीडिया और सरकारी सैन्य सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
हूती संचालित अल-मसीराह टीवी ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हज्जाह प्रांत के अब्स जिले में छह हवाई हमले किए गए। इन हमलों में तीन लोग घायल हो गए और बनी हातब क्षेत्र के कई गांवों में भारी बमबारी की गई। चैनल ने आरोप लगाया कि कुछ हमलों में क्लस्टर बम का इस्तेमाल भी किया गया।
अल-मसीराह के अनुसार, लाल सागर तट वाले पड़ोसी होदेदाह प्रांत में भी सऊदी विमानों ने बाजिल जिले में स्थित यमन पेट्रोलियम कंपनी के एक स्टेशन को निशाना बनाया, हालांकि तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। सऊदी अरब की ओर से इन हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
ये हवाई हमले ऐसे समय हुए हैं जब ताइज के आसपास लड़ाई लगातार तेज हो रही है। हाल के दिनों में हूती लड़ाकों की बढ़त से शहर की रक्षा कर रही सरकारी सेनाओं पर दबाव बढ़ा है और ताइज को दक्षिणी यमन के सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों पर भी असर पड़ा है।
एक सरकारी सैन्य सूत्र ने शनिवार को बताया कि ताइज के दक्षिण में स्थित साबिर अल-मवादिम जिले के अल-शाकब क्षेत्र में भीषण लड़ाई चल रही है। हूती लड़ाके शहर को देखने वाले रणनीतिक पहाड़ जबल साबिर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “जबल साबिर की लड़ाई बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस पहाड़ की ऊंचाइयों से ताइज शहर और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जा सकती है। सरकारी बल हूतियों को ऐसी रणनीतिक स्थिति हासिल करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें शहर पर बड़ा सैन्य लाभ मिल सकता है।”
यह संघर्ष दक्षिण-पश्चिमी यमन में बढ़ते तनाव का हिस्सा है, जहां सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेनाएं हाल में हूतियों द्वारा हासिल बढ़त को वापस लेने की कोशिश कर रही हैं। इनमें रणनीतिक महत्व वाली बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के इलाके भी शामिल हैं।
यमन में 2014 के अंत से गृहयुद्ध जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। वर्तमान में यह सरकार दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है।
