वियना, 6 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख ने जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र (एनपीपी) के पास रूसी कर्मियों के कथित तौर पर घायल होने के बाद अधिकतम सैन्य संयम और स्थानीय युद्धविराम का पूर्ण पालन करने का आह्वान किया है।
आईएईए ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि सूचना मिली है कि रूस और यूक्रेन के बीच हुए स्थानीय युद्धविराम के शुक्रवार के चरण में बारूदी सुरंगों को हटाने के दौरान कुछ रूसी सैन्यकर्मी घायल हो गए हैं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को ही, आईएईए ने जापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास अग्रिम मोर्चे पर अपने द्वारा कराए गए स्थानीय युद्धविराम की शुरुआत की घोषणा की, जिससे संयंत्र की महत्वपूर्ण बिजली लाइन की मरम्मत संभव हो सकी।
आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि संयंत्र से दूर स्थित बिजली लाइन की बहाली परमाणु सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम होगा, जो सभी के हित में है।
ग्रॉसी ने एक बार फिर संयंत्र की मुख्य 750 किलोवोल्ट बिजली लाइन की मरम्मत की तात्कालिकता और आवश्यकता पर जोर दिया। यह लाइन दो महीने से अधिक समय से बंद है।
सैन्य संघर्षों के दौरान बिजली कटौती की स्थिति में जापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को अपने छह बंद रिएक्टरों को ठंडा रखने के लिए आवश्यक बिजली के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
यूरोप की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा सुविधाओं में से एक जापोरिज़िया संयंत्र मार्च 2022 से रूस के नियंत्रण में है।
रूस की सरकारी परमाणु निगम रोसाटॉम के महानिदेशक एलेक्सी लिकाचेव ने शुक्रवार दोपहर ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की सूचना दी। रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के अनुसार, लिकाचेव ने कहा, “हमारे तीन इंजीनियर घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।”
आईएईए के अनुसार, घटना की जांच चल रही है और यूक्रेनी पक्ष ने कहा है कि वह युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध है।
इस बीच, ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालक बताया कि संयंत्र को बिजली आपूर्ति करने वाली एक महत्वपूर्ण बाहरी लाइन की मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
विशेषज्ञ 750 किलोवोल्ट की डिनिप्रोव्स्का ट्रांसमिशन लाइन को बहाल कर रहे हैं, जो 24 मार्च से बंद थी। ऑपरेटर ने बताया कि ऊर्जा अवसंरचना पर काम कर रहे कर्मियों की सुरक्षा के उद्देश्य से किए गए युद्धविराम के कारण यह कार्य संभव हो पाया है।
डिनिप्रोव्स्का लाइन संयंत्र की बाहरी बिजली आपूर्ति प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी बहाली से बिजली की विश्वसनीयता में सुधार होने और परमाणु एवं विकिरण सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

