Sunday, July 26, 2026
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तमिलनाडु: शिवकाशी में अवैध पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट, तीन की मौत, कई घायल

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शिवकाशी, 26 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास रविवार को एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग और लगातार हुए धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

यह हादसा शिवकाशी तालुक के सेंगामलपट्टी गांव में हुआ, जहां एक अवैध गोदाम और निर्माण इकाई में कथित तौर पर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। तेज धमाके से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि लगातार हो रहे पटाखों के विस्फोट से आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही अग्निशमन एवं बचाव विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की।

शुरुआत में पुलिस ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि घायलों को शिवकाशी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गोदाम बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट किस वजह से हुआ और क्या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, विस्फोटक सामग्री के गलत भंडारण या अवैध निर्माण गतिविधियों ने इस हादसे को जन्म दिया।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने शिवकाशी में पटाखा निर्माताओं और व्यापारियों के साथ बैठक कर उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और नियामकीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा की थी।

भारत की पटाखा निर्माण राजधानी माने जाने वाले शिवकाशी में लाइसेंसधारी और अवैध दोनों तरह की इकाइयों में पहले भी कई घातक हादसे हो चुके हैं। पूर्व की जांचों में कार्यस्थलों पर अत्यधिक भीड़, विस्फोटक पदार्थों का अवैध भंडारण, बिना अनुमति उत्पादन और अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन न करने जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आती रही हैं।

मद्रास हाई कोर्ट द्वारा समय-समय पर पटाखा उद्योग के लिए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने एक बार फिर सुरक्षा नियमों के पालन, निगरानी व्यवस्था और नियामकीय अमल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।