पाकिस्तान की विकास दर घटी, महंगाई बढ़ने का अनुमान : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की चेतावनी

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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपनी नई रिपोर्ट में पाकिस्तान की आर्थिक हालत को लेकर चिंता जताई है।

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 3.5 प्रत‍िशत कर दिया है, जो पहले 4.1 प्रत‍िशत बताया गया था। इसका कारण चल रहा मध्य पूर्व का तनाव बताया गया है।

आईएमएफ ने यह भी कहा कि अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 3.6 प्रत‍िशत ही रखा गया है, जो बाकी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुमान के करीब है।

महंगाई को लेकर भी आईएमएफ ने चिंता जताई है। अगले वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 8.4 प्रत‍िशत कर दिया गया है, जो पहले सात प्रत‍िशत था। वहीं, चालू साल में महंगाई करीब 7.2 प्रत‍िशत रहने की उम्मीद है, जो पहले 6.3 प्रत‍िशत बताई गई थी।

महंगाई ज्यादा रहने की वजह से पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक पर दबाव पड़ सकता है कि वो ब्याज दरों को बढ़ाए या कम से कम उन्हें ऊंचा ही बनाए रखे।

आईएमएफ ने पाकिस्तान के बाहरी सेक्टर को लेकर भी अनुमान बदला है। अगले वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा अब जीडीपी का 0.9 प्रत‍िशत यानी करीब 5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो पहले के अनुमान से दोगुना है। हालांकि, चालू वर्ष के लिए यह अनुमान 0.4 प्रत‍िशत पर ही रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान खासतौर पर मध्य पूर्व के हालात से प्रभावित हो सकता है, क्योंकि वह अपनी लगभग 90 प्रत‍िशत ऊर्जा (तेल और गैस) वहीं से मंगाता है। अगर तेल-गैस के दाम बढ़ते हैं या सप्लाई में दिक्कत आती है, तो देश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।

पाकिस्तान के अलावा आईएमएफ ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। आईएमएफ के मुताबिक, 2026 में वैश्विक विकास दर 3.1 प्रत‍िशत और 2027 में 3.2 प्रत‍िशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले औसत (करीब 3.4 प्रत‍िशत) से कम है।

वैश्विक महंगाई 2026 में 4.4 प्रत‍िशत तक जा सकती है, और 2027 में थोड़ी कम होकर 3.7 प्रत‍िशत रहने की उम्मीद है।