Thursday, August 6, 2026
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नई दिल्ली में भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब-ग्रुप की बैठक, रक्षा सहयोग मजबूत करने पर जोर

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नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। नई दिल्ली में भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब-ग्रुप (एएलएसएसजी) की पांचवीं बैठक में भारत और रूस ने अपने बीच भरोसे को और मजबूत करने तथा रक्षा उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

4 से 7 अगस्त तक चल रही इस चार दिवसीय बैठक का आयोजन भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन ऑन मिलिट्री एंड मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन (आईआरआईजीसी-एम एंड एमटीसी) के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है।

भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय जनसंपर्क (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह, डीसीओएएस (सीडी और एस) कर रहे हैं। वहीं, रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूसी संघ के रक्षा मंत्रालय के मेन आर्मर्ड डायरेक्टरेट के डिप्टी हेड मेजर जनरल तुफेकची अलेक्जेंडर ने किया। दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास बढ़ाने और रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पिछले महीने नई दिल्ली में भारत-रूस आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक भी आयोजित हुई थी। इस बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने के अपने अनुभव साझा किए और हिंसक उग्रवाद, कट्टरपंथ, आतंकवाद के वित्तपोषण तथा आतंकवादी गतिविधियों में नई तकनीकों और डिजिटल वित्तीय तकनीकों के इस्तेमाल जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

आठ जुलाई को हुई इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री दिमित्री ल्यूबिंस्की ने की थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद तथा उभरते आतंकवादी खतरों पर चर्चा की।

भारत और रूस ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, ईएजी और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने आतंकवाद के हर रूप और हर प्रकार की कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के पास हुई आतंकवादी घटना की भी सबसे कड़े शब्दों में निंदा की।

दोनों देशों ने आतंकियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की अपील की। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की सूची में शामिल संगठनों के साथ-साथ उनके सहयोगी और प्रॉक्सी समूह भी शामिल हैं।