संयुक्त राष्ट्र, 4 जून (आईएएनएस)। भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में संयुक्त राष्ट्र मिशन में तैनात एक सर्बियाई सैनिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य शांति सैनिक घायल हो गए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र परिसरों और उसके कर्मियों की सुरक्षा तथा पवित्रता के सम्मान के महत्व को दोहराता है। भारत ने बुधवार को हुए इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने भी हमले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह घटना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। उन्होंने शांति सैनिकों पर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की।
महासचिव के प्रवक्ता स्टेफ़ान दुजारिक ने बताया कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईफिल) में तैनात सर्बियाई सार्जेंट मिलोवान जोवानोविच की मौत उस समय हुई, जब मारजायून क्षेत्र के निकट संयुक्त राष्ट्र की एक चौकी पर मोर्टार गोला आकर गिरा।
उन्होंने बताया कि हमले में घायल दो अन्य शांति सैनिकों का दक्षिणी लेबनान स्थित यूएनआईफिल चिकित्सा केंद्र में उपचार चल रहा है। डुजारिक ने कहा कि शांति सैनिकों पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं।
यूएनआईफिल ने घटना की जांच शुरू कर दी है। संगठन ने कहा है कि वह यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बढ़ते तनाव के बीच किन परिस्थितियों में यह हमला हुआ।
यूएनआईफिल के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हाल के दिनों में गोलाबारी और मिसाइल हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में हिंसा को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
ईरान समर्थित संगठन हिज़बुल्लाह ने ईरान पर इजराइली हमलों के बाद इजराइल के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए थे, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
लेबनान में तैनात यूएनआईफिल मिशन में वर्तमान में लगभग 10,800 शांति सैनिक कार्यरत हैं, जिनमें करीब 1,000 भारतीय सैनिक भी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि हालिया हमले में किसी भारतीय सैनिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।

