Monday, June 15, 2026
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पांच साल में व्यापार को दोगुना करने, तकनीक और इनोवेशन संबंधों को मजबूत करने पर सहमत हुए भारत और फ्रांस

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नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।

उन्होंने आर्थिक विकास, तकनीक और टैलेंट मोबिलिटी के क्षेत्र में आपसी संबंधों को मजबूत करने और उनमें विविधता लाने के लिए विचार भी साझा किए।

नीस में दोनों नेताओं के बीच हुई मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता को जल्द लागू करने की मांग की, जो आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने का एक खास मौका देता है। नेताओं ने एसएमई, एविएशन और रेलवे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने कानपुर में एरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाने के समझौते का स्वागत किया। आर्थिक सुरक्षा पर डायलॉग शुरू करने का स्वागत करते हुए दोनों नेता सप्लाई चेन की मजबूती, खासकर जरूरी मिनरल्स को मजबूत करने पर सहमत हुए।”

बयान में आगे कहा गया कि दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष में निजी क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की और कहा कि भारत का ‘शांति एक्ट’ दोनों देशों के बीच छोटे और एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित सहयोग के नए मौके बनाता है।

भारत और फ्रांस के संबंधों में इनोवेशन और तकनीक की अहम भूमिका को पहचानते हुए दोनों पक्षों ने साझेदारी को लंबे समय की दिशा देने के लिए ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ अपनाया। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमती बनी।

नीस में भारत इनोवेट्स के संयुक्त उद्घाटन और पेरिस में होने वाले ‘विवाटेक’ में प्रधानमंत्री की आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाया है।

बयान में कहा गया कि फ्रांस में यूपीआई के निरंतर विस्तार और दोनों देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े संस्थानों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने इन उपलब्धियों का स्वागत करते हुए इन्हें भारत-फ्रांस सहयोग को नई मजबूती देने वाला कदम बताया।

दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने की अहमियत पर जोर दिया। इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी एयरपोर्ट पर भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट को तेजी से शुरू करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया।

उन्होंने दोनों देशों के बीच प्रतिभा और स्टूडेंट्स की आवाजाही बढ़ाने और शैक्षणिक योग्यता की आपसी पहचान को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत भारत में कैंपस खोलने के लिए फ्रांस के विश्वविद्यालों को आमंत्रित किया। बयान में कहा गया कि नेताओं ने लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर समेत म्यूजियम और सांस्कृति संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।