नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ किया। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई 500 कंपनियों के शुद्ध मुनाफे यानी कर पश्चात लाभ (पीएटी) में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही के प्रदर्शन के लगभग समान रही।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत राजस्व वृद्धि, विभिन्न क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी, स्वस्थ नकदी प्रवाह और मजबूत बैलेंस शीट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए आय वृद्धि की संभावनाओं को और बेहतर बनाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, गैर-वित्तीय कंपनियों की आय में तेजी आई है। इन कंपनियों की कुल राजस्व वृद्धि बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 9.2 प्रतिशत थी।
हालांकि परिचालन लाभ मार्जिन (ईबीआईटीडीए मार्जिन) मामूली रूप से घटकर 16.4 प्रतिशत रह गया, लेकिन कंपनियों की कमाई की गुणवत्ता मजबूत बनी रही, जो भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र की बुनियादी मजबूती को दर्शाती है।
रिपोर्ट में बताया गया कि चौथी तिमाही के दौरान विभिन्न कंपनियों और क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृद्धि देखने को मिली। बीएसई 500 की लगभग 59 प्रतिशत कंपनियों ने अपने मुनाफे में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, जबकि 39 प्रतिशत कंपनियों की आय में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही की तुलना में बड़ा सुधार है और यह दर्शाता है कि कमाई में सुधार केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर देखने को मिल रहा है।
कॉरपोरेट आय बाजार की अपेक्षाओं से भी बेहतर रही। निफ्टी की 48 प्रतिशत कंपनियों ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 32 प्रतिशत था। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों की बुनियादी स्थिति अनुमान से अधिक मजबूत बनी हुई है।
उपभोक्ता विवेकाधीन (कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी) क्षेत्र की कंपनियां सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहीं। इस क्षेत्र की आय में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे उपभोक्ता मांग में सुधार और खर्च बढ़ने का समर्थन मिला।
उपभोक्ता आवश्यक वस्तु (कंज्यूमर स्टेपल्स) क्षेत्र में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों ने 13.4 प्रतिशत की आय वृद्धि हासिल की।
वित्तीय क्षेत्र ने भी स्थिर प्रदर्शन जारी रखा और 13.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह क्षेत्र बाजार की कुल कमाई का एक महत्वपूर्ण आधार बना रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा और सामग्री (मटेरियल) क्षेत्र सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे। ऊर्जा क्षेत्र की आय में 23.8 प्रतिशत और सामग्री क्षेत्र की आय में 23.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
चौथी तिमाही में मिडकैप कंपनियों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा, जिनके मुनाफे में सालाना आधार पर 34.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि लार्जकैप कंपनियों का मुनाफा 10.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा 10.4 प्रतिशत बढ़ा। इससे साफ है कि इस दौरान मिडकैप कंपनियों ने अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।

