नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी से मुलाकात की और भारत और यूएई के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
स्पीकर बिड़ला ने ‘एक्स’ पर कहा, “नई दिल्ली में अपने आवास पर भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी का स्वागत करके खुशी हुई। यूएई, ब्रिक्स का एक अहम सदस्य है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान यूएई की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक योगदान के लिए मैंने उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने भारत-यूएई की बहुआयामी और लगातार बढ़ती साझेदारी पर गर्मजोशी भरी और सार्थक चर्चा की। यह साझेदारी आपसी भरोसे, साझा हितों और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है। हमने भारत और यूएई के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की। दोनों देशों के संबंध बेहद गहरे और गतिशील हैं।”
उन्होंने यूएई में रहने वाले 45 लाख भारतीयों के समुदाय को दोनों देशों के बीच ‘एक अमूल्य सेतु’ बताया।
स्पीकर ने कहा, “मुझे भरोसा है कि आने वाले वर्षों में हमारा संसदीय जुड़ाव और व्यापक द्विपक्षीय सहयोग नए मुकाम हासिल करता रहेगा।”
भारत और यूएई ने शनिवार को अपनी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के महत्व को दोहराया और रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने यहां 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सहयोग को और मजबूत करने के लिए दोनों देश ब्रिक्स मंच के माध्यम से मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को सराहा।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने यूएई की ‘इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी’ द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश करने की घोषणा का संज्ञान लिया। यह भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम निवेश है।
उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से ओडिशा एक ग्लोबल एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित होगा।
