वाशिंगटन, 27 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-अमेरिका संबंधों को बढ़ाने के लिए एक बड़ा रोडमैप बताया है। इससे यह संकेत मिलता है कि वाशिंगटन अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति के भारत दौरे की दिशा में काम कर रहा है। आने वाले हफ्तों या महीनों में एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता पूरा होने की उम्मीद है और नई दिल्ली को अपने सबसे करीबी रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है।
व्हाइट हाउस में न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ अलग-अलग एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, जरूरी तकनीक और हिंद-प्रशांत में बढ़ते सहयोग पर जोर देते हुए संबंधों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बताया।
मार्को रुबियो ने कहा कि सरकार अगले साल ट्रंप के भारत दौरे के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम एक व्यापार समझौते को फाइनल करने की उम्मीद कर रहे हैं। हम इसे पूरा करने के आखिरी पड़ाव पर हैं और यह बहुत सकारात्मक है।”
सर्जियो गोर ने भी यही बात दोहराई और कहा कि बातचीत करने वाले अब समझौते को पूरा करने पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ मुद्दे अभी बाकी हैं। अब बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आखिर में दोनों पक्ष किस भाषा पर हस्ताक्षर करेंगे। हमें भरोसा है कि अगले कुछ हफ्तों में अगले कुछ महीनों में यह हो जाएगा।”
दोनों अधिकारियों ने ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध की अहमियत पर जोर दिया। रुबियो ने कहा, “भारत, अमेरिका का बहुत करीबी साझेदारी और सहयोगी है और प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच का संबंध इससे ज्यादा करीबी नहीं हो सकता, जो मुझे लगता है कि कूटनीति में बहुत जरूरी है।”
गोर ने दोनों नेताओं के बीच के संबंध को भारत-अमेरिका संबंधों के ‘बड़े आधारों में से एक” बताया।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बहुत अच्छे दोस्त हैं और यह बात सालों पुरानी है और यह बात सालों आगे भी जारी रहेगी।”
उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा, “एक तरह से, मुझे उनमें (पीएम मोदी) और राष्ट्रपति ट्रंप में बहुत सी एक जैसी बातें दिखती हैं, क्योंकि दोनों को व्यस्त रहना और काम तेजी से करना पसंद है।”
रुबियो और गोर ने द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते दायरे की ओर भी इशारा किया और कहा, “मुझे लगता है कि हमारे बीच इतनी सारी चीजें एक जैसी हैं और हम आर्थिक, सप्लाई चेन, जरूरी मिनरल्स, ऊर्जा, सुरक्षा, नेविगेशन की आजादी को लेकर अपने हितों को एक साथ पूरा कर सकते हैं और उन पर काम कर सकते हैं। हम बहुत सी चीजों में एक जैसे हैं।”
सर्जियो गोर ने कहा कि इस साझेदारी में अपार क्षमता है, उन्होंने तकनीक, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और निवेश में बढ़ते सहयोग की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “आप अमेरिका में किसी भी क्षेत्र को देख सकते हैं और भारत हमारे साथ मिलकर काम कर सकता है और उस स्तर को अगले लेवल तक ले जा सकता है।”
अधिकारियों ने बढ़ते आर्थिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। गोर ने कहा कि भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक साल में अमेरिका में 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा के नए निवेश को आसान बनाने में मदद की है, जबकि रुबियो ने भारत को एक बहुत करीबी साझेदार और सहयोगी बताया, क्योंकि वाशिंगटन एक और क्वाड मीटिंग की तैयारी कर रहा है।
भारत और अमेरिका ने पिछले दो दशकों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार गहरा किया है, जिससे व्यापार, रक्षा, जरूरी और नई तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ा है। दोनों देश एक स्वतंत्र, खुला और स्थिर हिंद-प्रशांत को बढ़ावा देने के लिए जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए भी मिलकर काम करते हैं।
रुबियो और सर्जियो गोर, दोनों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए अपने इंटरव्यू में भारत के लिए ट्रंप सरकार की प्राथमिकता के बारे में अब तक के सबसे साफ सार्वजनिक संकेत दिए और द्विपक्षीय संबंध के अगले चरण के तौर पर मजबूत राजनीतिक एंगेजमेंट, गहरे आर्थिक इंटीग्रेशन और बड़े रणनीतिक सहयोग की ओर इशारा किया।

