नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और वियतनाम के बीच बुधवार को उच्चस्तरीय रक्षा वार्ता संपन्न हुई। दोनों देशों ने ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
यह बैठक भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और वियतनाम पीपुल्स आर्मी के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ तथा उप रक्षा मंत्री जनरल गुयेन तान कुओंग के बीच हुई।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, ” वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जनरल गुयेन तान कुओंग से शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण तथा पेशेवर आदान-प्रदान को और गति देने पर जोर दिया।”
बैठक में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही, इस बात पर सहमति जताई गई कि भारत और वियतनाम अपनी एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत रक्षा सहयोग को और गहरा करेंगे।
इससे पहले मंगलवार को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हनोई स्थित हो ची मिन्ह समाधि पर जाकर वियतनाम के महान क्रांतिकारी नेता और पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद उन्होंने वियतनाम वायुसेना की 371 एयर डिवीजन के रेजिमेंट-927 का दौरा किया, जहां यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और लड़ाकू पायलटों के साथ बातचीत कर उनकी परिचालन क्षमताओं और प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।
भारतीय दूतावास के अनुसार, यह दौरा भारत और वियतनाम के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रक्षा संबंधों और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सोमवार से वियतनाम की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और विस्तार देना है।
हनोई पहुंचने पर वियतनाम में भारत के राजदूत त्शेरिंग डब्ल्यू शेरपा ने उनका स्वागत किया और भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
यात्रा के दौरान एयर चीफ मार्शल सिंह का वियतनाम पीपुल्स आर्मी की एयर डिफेंस-एयर फोर्स सर्विस द्वारा औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने एयर डिफेंस-एयर फोर्स सर्विस के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वू होंग सोन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा करते हुए भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान और साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने पर सहमति व्यक्त की।

