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भारत के सहयोग से कंबोडिया के गांव को मिली बारूदी सुरंगों से मुक्त जमीन

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नोम पेन्ह, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने कंबोडिया में मानवीय मदद की एक बड़ी मिसाल पेश की है। भारत सरकार की क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट (क्यूआईपी) योजना के तहत बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से साफ की गई जमीन को कंबोडिया के कोह कोंग प्रांत के काओ पाओ गांव के लोगों को सौंप दिया गया है।

इस जमीन को सौंपने के लिए एक खास कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में कंबोडिया में भारतीय दूतावास की डिप्टी चीफ ऑफ मिशन तनु प्रिया, कोह कोंग प्रांत के डिप्टी गवर्नर वाई. नियरिनेट और कंबोडिया माइन एक्शन एंड विक्टिम असिस्टेंस अथॉरिटी (सीएमएए) के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल टेप कल्याण मौजूद रहे।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारतीय दूतावास की डीसीएम डॉ. तनु प्रिया, सीएमएए के डीएसजी टेप कल्याण और कोह कोंग प्रांत के डिप्टी गवर्नर के साथ मेकांग-गंगा सहयोग की क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट योजना के तहत साफ की गई जमीन को सौंपने के कार्यक्रम में शामिल हुईं।”

कंबोडिया के अखबार द नोम पेन्ह पोस्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम के दौरान गांववालों को लगभग 1,97,810 वर्ग मीटर जमीन सौंपी गई है। इससे करीब 134 परिवारों को फायदा मिलेगा। अब वे इस जमीन का इस्तेमाल खेती, घर बनाने और रोजगार के लिए कर सकेंगे।

भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, “इस जमीन को समुदाय को वापस लौटाने से लोगों को आजीविका, खेती, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच मिलेगी।”

दूतावास ने बताया कि भारत का कंबोडिया के साथ बारूदी सुरंग हटाने के मानवीय प्रयासों में लंबे समय से सहयोग रहा है। 1990 के दशक की शुरुआत से ही भारत कंबोडिया को क्षमता निर्माण और ट्रेनिंग, तकनीकी मदद, बारूदी सुरंग हटाने के उपकरण, माइन डिटेक्शन डॉग और बारूदी सुरंग पीड़ितों को सहायता देता आ रहा है।

इससे पहले 24 अगस्त को भारत और कंबोडिया ने आपसी व्यापार को बढ़ाने पर भी सहमति जताई थी। नोम पेन्ह में हुई ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक में दोनों देशों ने पारंपरिक चिकित्सा, ई-गवर्नेंस, भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करने पर चर्चा की थी।

दोनों देशों के बीच व्यापार में 36 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और यह 2025-26 में 406.78 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।