आईएमईसी के जरिए कनेक्टिविटी बढ़ाने पर पीएम मेलोनी ने दिया जोर

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रोम, 20 मई (आईएएनएस)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बुधवार को इटली और भारत की भौगोलिक स्थिति की रणनीतिक अहमियत को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने मेडिटेरेनियन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

इटली की पीएम ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) जैसी पहल का हवाला दिया, जिसे सितंबर 2023 में नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेलोनी ने कहा, “हम दो प्रायद्वीप हैं, दो प्लेटफॉर्म हैं, जो विश्व के महत्वपूर्ण क्षेत्रों मेडिटेरेनियन और इंडो-पैसिफिक में स्थित हैं। इन क्षेत्रों के बीच कनेक्शन को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसलिए हम आईएमईसी को और विकसित करना चाहते हैं, जो यूरोप, मध्य पूर्व और भारत को जोड़ने वाला एक आर्थिक और अवसंरचनात्मक कॉरिडोर है।”

उन्होंने कहा कि आईएमईसी व्यापार, उद्योग और द्विपक्षीय संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की क्षमता रखता है। मेलोनी ने आगे कहा, “इटली और भारत वैश्विक चुनौतियों जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थिरता, नियम आधारित व्यवस्था, आर्थिक सुरक्षा, वैल्य चेन्स के लचीलेपन, शांति और समावेशी विकास पर एक जैसा विजन रखते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि हमने प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें यूक्रेन और ईरान के संकट शामिल हैं, और शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर वार्ता की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “हमने यूक्रेन पर चर्चा की और स्थायी और न्यायसंगत शांति की अपनी प्रतिबद्धता साझा की। ईरान के मामले में हमने उम्मीद जताई कि वार्ता सकारात्मक निष्कर्ष तक जारी रहेगी। इन दोनों मामलों में हमारे देश आपस में अधिक जुड़ चुके हैं, और इटली अपनी भूमिका निभाता रहेगा।”

मेलोनी ने दोहराया कि इटली और भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और स्वतंत्र, समावेशी और खुले क्षेत्र को सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि उन्होंने 2025–29 के संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ब्लू इकॉनमी, कनेक्टिविटी, शिक्षा और जन-संपर्क क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का संकल्प लिया। उन्होंने भू-राजनीतिक विकास पर भी चर्चा की और वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करने का वचन दिया।