जयपुर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। फलोदी जिले के लोहावट इलाके के नौसर गांव में बोरवेल में गिरे 9 साल के भोमाराम को बाहर निकालने का बचाव अभियान शुक्रवार को 22 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जारी है, लेकिन बचाव टीमों को अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।
बच्चे से लगभग 15-20 फीट ऊपर एक बड़ी चट्टान के होने से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमों के सामने तकनीकी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
प्रशासन इस रुकावट को दूर करने और बच्चे तक पहुंचने के लिए स्थानीय स्तर पर अपनाए जाने वाले तरीकों सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बोरवेल 1,050 फीट से ज्यादा गहरा है, जबकि भोमाराम 600 फीट से ज्यादा की गहराई पर फंसा हुआ है। चट्टानी बनावट की वजह से कैमरे का इस्तेमाल करके उसकी स्थिति का पता लगाने के प्रयासों में भी रुकावट आ रही है।
बोरवेल के अंदर मौजूद नमी और पानी ने बचाव दलों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कुछ देर रुकने के बाद, शुक्रवार सुबह बचाव अभियान फिर से शुरू हो गया। बोरवेल में फंसे बच्चों को खास तरीकों से बाहर निकालने में माहिर मदाराम को भी इस बचाव अभियान में मदद के लिए मौके पर बुलाया गया है। बचाव दल रास्ते में आ रही चट्टान को हटाने का काम कर रहे हैं, जबकि अधिकारी इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त उपकरणों के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं।
फलोदी के विधायक पब्बाराम बिश्नोई ने घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी मौके पर मौजूद हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं, और प्रशासन बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समन्वय कर रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना पंचाराम भील के खेत में बने एक बोरवेल में हुई। बोरवेल की मशीनरी में खराबी आ गई थी, और पंप को मरम्मत के लिए बाहर निकाला जा रहा था। इसी दौरान, पंचाराम का नौ साल का बेटा भोमाराम पास में खेलते हुए खुले बोरवेल में गिर गया।
इस घटना से परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि भोमाराम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। बचाव दल और स्थानीय प्रशासन उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
