बेंगलुरु, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि कथित धन की कमी को लेकर वित्त विभाग का सलाह वाला पत्र लीक कैसे हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद यह पत्र लीक कराया, ताकि राज्य की खराब वित्तीय स्थिति का ठीकरा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर फोड़ा जा सके।
बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक ने आरोप लगाया, ”फंड की कमी को लेकर वित्त विभाग का सलाह वाला पत्र अब क्यों लीक हुआ? यह बताने के लिए कि सिद्दारमैया ने धोखा दिया और सरकारी खजाना खाली कर दिया, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद यह पत्र लीक कराया।”
उन्होंने दावा किया कि इस तरह का गोपनीय पत्र आसानी से लीक नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव ने इसे सार्वजनिक किया होगा।
अशोक ने कहा, ”यह सिद्दारमैया के लिए शर्मिंदगी वाली बात है। सरकार राज्य को कर्ज के जाल में धकेल रही है। वित्त विभाग ने कहा है कि दो लाख करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं।”
अशोक ने सूखा राहत को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं देकर उनका अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूखे पर विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान किसानों को ज्यादा मुआवजा या कर्ज माफी की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें प्रति एकड़ 2,500 रुपए दिए गए।
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपए मिलने चाहिए। कोरोना महामारी या युद्ध जैसी कोई वित्तीय आपात स्थिति भी नहीं है, जिससे किसानों को पर्याप्त राहत न दिए जाने को सही ठहराया जा सके।
अशोक ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार ने कर्नाटक को यूपीए सरकार के समय की तुलना में काफी ज्यादा मुआवजा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2015 से 2025 के बीच राज्य को 16,071 करोड़ रुपए दिए। इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से 4,500 करोड़ रुपए दिए गए।
पिछली भाजपा सरकार के दौरान दिए गए मुआवजे का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि उस समय राज्य सरकार ने केंद्र की तय दरों के अनुसार मुआवजा दिया था। उन्होंने कहा कि अब भी किसानों को उतनी या उससे ज्यादा सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त विभाग की ओर से कर्ज लेने की सीमित क्षमता को लेकर चेतावनी दिए जाने के बावजूद सरकार नई घोषणाएं कर रही है। उन्होंने फिर दावा किया कि लंबित बिलों की राशि दो लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
अशोक ने बेंगलुरु में प्रस्तावित टनल रोड परियोजना की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में इस्तेमाल होने वाली राशि किसानों को ज्यादा सूखा राहत देने में खर्च की जा सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों को पर्याप्त राहत देने में विफल रहती है तो उसे इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।
अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक सरकार से नाखुश हैं और शिवकुमार सरकार के पहले 100 दिनों में कोई खास उपलब्धि नहीं रही है।
