बेंगलुरु, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने गुरुवार को मैसूरु दशहरा की सजावटी रोशनी को बढ़ाए जाने को लेकर कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से आग्रह किया कि वे सूखे की मार झेल रहे किसानों को हर दिन तीन-फेज बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
अशोक की ओर से आरोप लगाया गया कि जहां एक तरफ पानी की कमी के कारण फसलें सूख रही हैं और किसान परेशान हैं, वहीं सरकार उनकी समस्याओं को हल करने के बजाय त्योहार की सजावट और रोशनी को बढ़ाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही है। उन्होंने पूछा, “राज्य में सूखे के हालात हैं और किसान आंसू बहा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विदेशी मेहमानों को बुलाकर भव्य आयोजन किया। चलिए, कोई बात नहीं; हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन क्या अब आप हमारे उन किसानों के आंसू पोंछेंगे जो भारी संकट में हैं?”
दशहरा की सजावटी रोशनी को 15 दिन और बढ़ाने के फैसले का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि सरकार को उन किसानों के प्रति भी वैसी ही चिंता दिखानी चाहिए, जिनके खेत सूख रहे हैं। उन्होंने पूछा, “क्या अब आप कम से कम इतनी चिंता तो दिखाएंगे कि किसानों के सूखते खेतों के लिए हर दिन कम से कम एक घंटे के लिए थ्री-फेज बिजली की आपूर्ति की जाए, ताकि उनके जीवन में भी कुछ रोशनी आ सके?”
अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार दशहरा के सजावट पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पंप सेटों के लिए पर्याप्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि किसान फसल उगाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, और सवाल किया कि क्या सरकार उनकी आजीविका को सहारा देने के लिए बिजली उपलब्ध कराने को तैयार है? अशोक ने कहा, “उनके दिखावे और चकाचौंध से किसानों की जिंदगी नहीं बदलने वाली। बहुत हो गया यह फिजूलखर्च; अब शासन-प्रशासन पर ध्यान दें।”
बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वह अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वे प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर राज्य में सूखे से राहत की मांग करेंगे। वहीं, दूसरी ओर सरकार मैसूर में दशहरा की सजावटी रोशनी को 10 दिन और बढ़ाने की योजना बना रही है।
विधान सौधा में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि विपक्ष के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री से मिलने और सूखे से राहत के लिए ज्ञापन सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा, “हां, हम सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उन्हें एक ज्ञापन सौंपेंगे। विपक्ष के नेताओं ने भी कहा है कि वे हमारे साथ चलेंगे। मैं इसलिए इंतजार कर रहा हूं क्योंकि सूखे की समस्या सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों पर भी इसका असर पड़ा है। अगर प्रधानमंत्री हमें दशहरा और कन्नड़ राज्योत्सव के बीच का समय देते हैं, तो हम उनसे मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।”
