बेंगलुरु, 30 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट के विस्तार में देरी को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता राज्य की जनता को ‘इडियट’ समझते हैं।
एक बयान में विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व सीएम सिद्दारमैया और केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद पिछले दो महीनों से मंत्री पद के दावेदारों की सूची लेकर बार-बार नई दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान उन्हें बाद में लौटने के लिए कह देता है।
उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक की जनता सवाल कर रही है कि क्या राज्य के शीर्ष नेताओं को शासन करने के लिए चुना गया था या दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के दरवाजों के बाहर इंतजार करने के लिए। उन्होंने कहा, “कर्नाटक की जनता ने इन नेताओं को राज्य का प्रशासन चलाने के लिए चुना था, न कि राहुल गांधी के आवास के बाहर खड़े रहने के लिए।” उन्होंने इस स्थिति को राज्य के मतदाताओं का अपमान बताया।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसलों पर निर्भर हो गई है। मंत्रियों की नियुक्ति में देरी की आलोचना करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि राज्य कैबिनेट में कई पद खाली पड़े हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने टिप्पणी की कि जहां विधान सौधा में कार्यालय मंत्रियों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दावेदार दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस नेताओं के राष्ट्रीय राजधानी के बार-बार दौरे ने राज्य नेतृत्व की स्वायत्तता पर सवाल उठा दिए हैं।
बीवाई विजयेंद्र ने कहा, “कर्नाटक की जनता ने सरकार के लिए वोट दिया था, न कि कांग्रेस आलाकमान के आवास के बाहर वेटिंग रूम के लिए।”

