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गन्ना किसानों की मांगों पर विचार करने को समिति गठित करने पर कर्नाटक भाजपा ने जताया आभार

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बेंगलुरु, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने गुरुवार को गन्ना किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए समिति गठित करने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों की जायज मांगों पर ध्यान देने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।

विजयेंद्र ने कहा कि नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य गन्ना किसानों की समस्याओं का व्यापक समाधान खोजना है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने किसानों की मांगों को गंभीरता से लिया और उन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने बताया कि यह समिति गन्ना उत्पादन की लागत, न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि और तौल प्रणाली में पारदर्शिता जैसी प्रमुख चिंताओं को दूर करने की दिशा में काम करेगी।

विजयेंद्र ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि गन्ना किसानों को उचित समर्थन और न्याय मिले। उन्होंने आगे कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना, उनके परिवारों के कल्याण में सुधार करना और कृषि क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को कहा था कि केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों की मांगों को पूरा करने और चीनी क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व नीति आयोग सदस्य की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति का गठन करके त्वरित कदम उठाए हैं।

प्रह्लाद जोशी ने एक बयान में कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में आश्वासन देने के मात्र दो दिनों के भीतर केंद्र सरकार ने कार्रवाई की है, जो किसानों की चिंताओं को दूर करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया था कि पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता वाली यह संयुक्त समिति गन्ना किसानों, विशेष रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों से मुलाकात करेगी, ताकि उनकी समस्याओं का आकलन किया जा सके और जमीनी हकीकत को समझा जा सके।

यह पैनल चीनी क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन करेगा, जिसमें गन्ना किसानों के लिए बेहतर लाभकारी रिटर्न की मांग भी शामिल है। इस दौरान खेती की लागत और अन्य संबंधित कारकों को भी ध्यान में रखा जाएगा। जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है और गन्ना किसानों तथा चीनी उद्योग के सामने आ रही चुनौतियों का व्यापक समाधान खोजने के लिए कदम उठाए हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर राज्य सरकार से आग्रह किया था कि वह गन्ना किसानों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई करे और उनके हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए।