बेंगलुरु, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को घोषणा की कि कोप्पल के गवीमठ के श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी इस साल राज्य के प्रसिद्ध वार्षिक उत्सव मैसूर दशहरा का उद्घाटन करेंगे।
शिवकुमार ने विधानसभा में सूखे की स्थिति पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की। उन्होंने विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों के सदस्यों को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा, “इस साल नाडा हब्बा मैसूर दशहरा का उद्घाटन कोप्पल गवीमठ के पूज्य श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने संत को पहले ही निमंत्रण भेज दिया है और गुरुवार सुबह उनसे फोन पर भी बात की। महास्वामीजी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा, “अगले महीने नाडा हब्बा दशहरा आयोजित होगा। मैं आप सभी को इस साल के उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित करता हूं। सभी को इसमें शामिल होना चाहिए।”
इससे पहले दिन में चित्रदुर्ग में किसानों के सम्मान समारोह में शिवकुमार ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करने और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने भद्रा अपर बैंक प्रोजेक्ट का जिक्र किया, जिसके जरिए भद्रा नदी का पानी चित्रदुर्ग तक पहुंचाया गया। उन्होंने इसे 60 साल पुराने सपने का पूरा होना बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2028 से पहले पूरे सूखे क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पांच गारंटी योजनाओं के साथ सरकार ने किसानों के लिए कई पहल की हैं। इनमें छोटे किसानों को मदद, कृषि गतिविधियों के लिए सहायता और उनकी आजीविका में सुधार के उपाय शामिल हैं।
शिवकुमार ने यह भी कहा कि सरकार कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा और महादयी समेत विभिन्न नदियों के पानी में कर्नाटक के हिस्से की रक्षा करेगी।
सिरिगेरे में शिवकुमार ने तरालाबालु जगद्गुरु मठ के श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी की 35वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षा, समाज सेवा, समानता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में इस संस्था की भूमिका की सराहना की।
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने पश्चिमी घाट और मलनाड क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और लोगों पर इसके प्रभावों पर चर्चा के लिए विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था।
उन्होंने कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से संपर्क करेगा और पीढ़ियों से जंगलों के आसपास रहने वाले किसानों के हितों की रक्षा की मांग करेगा।
सिंचाई के मुद्दे पर शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने तुंगभद्रा बेसिन में पानी के संरक्षण पर सहमति जताई है।
उन्होंने बताया कि गाद जमा होने के कारण करीब 30 टीएमसी पानी के नुकसान को रोकने के लिए एक समानांतर जलाशय बनाने पर चर्चा चल रही है।
दिन की प्रमुख घोषणा मैसूर दशहरा के उद्घाटन के लिए श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी का चयन रही।
शिवकुमार ने दोनों सदनों के सभी सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और बताया कि महास्वामीजी ने मैसूर दशहरा के उद्घाटन का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
