Tuesday, August 18, 2026
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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सूखे से राहत के लिए राशि जारी नहीं की : भाजपा

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बेंगलुरु, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में नेता विपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने मंगलवार को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार सूखे से राहत के लिए राशि जारी करने में नाकाम रही है। जबकि, राज्य के मध्य और उत्तरी हिस्सों में कम बारिश के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अशोक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बारिश न होने की वजह से किसान परेशान हैं और मवेशियों को भी दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन राज्य सरकार ने न तो सूखा घोषित किया है और न ही अब तक कोई राशि जारी की है।

उन्होंने आरोप लगाया, “सूखे की वजह से किसान परेशान हैं और मवेशी भी मुश्किल में हैं। मध्य और उत्तरी कर्नाटक में कम बारिश हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बन गए हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने अब तक एक रुपया भी जारी नहीं किया है।”

अशोक ने बिना आर्थिक मदद दिए सूखे पर बयान देने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया।

उन्होंने उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के प्रस्तावित बयान का जिक्र करते हुए पूछा, “जब सूखे से राहत के लिए कोई राशि जारी नहीं की गई है, तो बयान देने का क्या मतलब है?”

उन्होंने राज्य सरकार से तुरंत राशि जारी करने और मवेशियों की सुरक्षा के लिए पशु आश्रय स्थल खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जेडी (एस) के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है और इसे समन्वय समिति में भी उठाया है। उन्होंने मांग की कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान सूखे की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाए।

अशोक ने कहा, “हम सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए तैयार हैं और सूखे की स्थिति से निपटने के उसके तरीके की कड़ी निंदा करते हैं। भाजपा ने सूखे की स्थिति का अध्ययन किया है और एक रिपोर्ट सौंपी है। स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्होंने खुद राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया है।”

कावेरी जल विवाद का जिक्र करते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्नाटक का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में नाकाम रही है, जिससे कावेरी बेसिन के किसानों को भी दिक्कतें हो रही हैं।

विपक्ष के नेता ने कैबिनेट से मंत्री बी. नागेंद्र को हटाने की भाजपा की मांग भी दोहराई और कहा कि जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। कैबिनेट में दागदार मंत्री के साथ सरकार नहीं चल सकती। वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 187 करोड़ रुपए की कथित अनियमितता हुई थी। इस मामले में नागेंद्र पर आरोप लगे थे, फिर भी उन्हें दोबारा मंत्री बनाया गया।”

उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नागेंद्र को कैबिनेट से नहीं हटाया जाता, भाजपा अपना विरोध जारी रखेगी।

अशोक ने पेपर लीक और रिश्वतखोरी के आरोपों का हवाला देते हुए कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “केपीएससी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। पेपर लीक होने और रिश्वतखोरी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई हैं। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी और पुलिस विभाग में भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के कई आरोपों पर उचित कार्रवाई करने में नाकाम रही है। गड़बड़ियों के सामने आने के बाद ही एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। हमने केपीएससी में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।