बेंगलुरु, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले उनके काफिले के रास्ते पर जिलेटिन स्टिक मिलने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले की जांच अब और तेज कर दी गई है। कर्नाटक पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए छह विशेष जांच टीमें गठित की हैं।
पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) और अन्य एजेंसियों की टीमें लोहित नामक एक व्यक्ति से लगातार पूछताछ कर रही हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इसी व्यक्ति ने कथित तौर पर धमकी भरा फोन कॉल किया था। इसके कुछ घंटों बाद पीएम के काफिले के रूट के पास संदिग्ध बॉक्स में विस्फोटक सामग्री मिली थी।
सूत्रों के अनुसार, कोरमंगला इलाके के एक निवासी को फोन करने के बाद पुलिस ने लोहित को हिरासत में लिया था। इसके बाद जब प्रधानमंत्री के रूट के पास जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं, तो कई एजेंसियां सक्रिय हो गईं और उससे संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ शुरू की गई।
रविवार देर रात तक जांच एजेंसियों ने आरोपी से पूछताछ की। इसमें एनआईए, बेंगलुरु सिटी पुलिस, बेंगलुरु साउथ डिवीजन पुलिस और अन्य एजेंसियों के अधिकारी शामिल रहे। सूत्रों के मुताबिक, लोहित से सुबह 11 बजे से लेकर देर रात तक लगातार पूछताछ हुई और उसके बैकग्राउंड की भी जांच की गई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी खुद को पूर्व इसरो कर्मचारी का बेटा बता रहा था। इसी वजह से पुलिस ने उसके माता-पिता से भी पूछताछ की। अधिकारियों को जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि लोहित मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान वह बार-बार एक ही बात (देश बर्बाद हो रहा है) दोहरा रहा था। इसके बाद जांच एजेंसियां उसकी मानसिक स्थिति और धमकी के पीछे के मकसद को लेकर भी गंभीरता से जांच कर रही हैं।
पुलिस ने बताया कि काग्गलीपुरा थाना क्षेत्र की पुलिस और अन्य एजेंसियां बेंगलुरु साउथ और रामनगरा क्षेत्र की खदानों में इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन स्टिक की जानकारी जुटा रही हैं। साथ ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले पूरे रूट की जांच की थी। इसके बावजूद जांचकर्ताओं को शक है कि विस्फोटक सामग्री वाला बॉक्स रविवार तड़के वहां रखा गया होगा।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल की नजर सड़क किनारे पड़े संदिग्ध बॉक्स पर पड़ी थी। सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचा। जब बॉक्स खोला गया तो उसमें दो जिलेटिन स्टिक, चार डेटोनेटर, एक माचिस और दो बैटरियां मिलीं।
पुलिस का कहना है कि विस्फोटक सामग्री को बॉक्स में रखकर चारों तरफ से टेप से सील किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत विस्फोटक सामग्री जब्त कर ली और पूरे रूट पर दोबारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही प्रधानमंत्री के काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।

