मणिपुर: ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर कुकी संगठन ने बंद 48 घंटे और बढ़ाया

0
3

इंफाल, 21 मई (आईएएनएस)। कूकी इन्पी मणिपुर ने गुरुवार को कुकी-जो समुदाय के 14 लोगों की कथित हिरासत के विरोध में कुकी-जो बहुल इलाकों में जारी बंद को 48 घंटे और बढ़ाने की घोषणा की।

कुकी इंपी मणिपुर के सूचना एवं प्रचार सचिव जंघाओलुन हाओकिप ने कहा कि नागा बहुल सेनापति जिले में कुकी-जो समुदाय के लोगों को बंधक बनाए रखने की घटनाओं के चलते बंद बढ़ाना जरूरी हो गया है।

उन्होंने एक बयान में कहा, “सभी बंधकों की बिना शर्त और तत्काल रिहाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 13 मई को तीन कुकी-जो चर्च नेताओं की बर्बर हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद समुदाय ने शांति और सह-अस्तित्व बनाए रखने के लिए संयम बरता है।”

हाओकिप ने कहा कि कुकी-जो नागरिकों के अपहरण और हिरासत की खबरों के बावजूद समुदाय ने मानवीय आधार पर 200 से अधिक नागा लोगों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया।

बयान में यह भी कहा गया कि मराम स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष को भी सद्भावना के तौर पर रिहा किया गया, जिससे दोनों समुदायों के बीच तनाव कम करने और शांति बनाए रखने की कोशिश की गई।

उन्होंने मार्च 2026 में उखरूल जिले के लितान विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कुकी-जो समुदाय ने 21 तांगखुल नागा बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की थी, जबकि उस घटना में दो कुकी-जो लोगों की मौत हुई थी और दो अन्य पर हमला किया गया था।

हाओकिप ने बताया कि 14 मई को आईटी रोड पर पांच नागा लोगों को भी रिहा किया गया था ताकि तनाव और न बढ़े।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, 13 मई की घटनाओं के बाद कुकी और नागा समुदायों के 40 से अधिक लोगों को विभिन्न समूहों ने बंधक बना लिया था। हालांकि प्रशासन, समुदाय नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों के बाद 14 और 15 मई को दोनों समुदायों के करीब 30 लोगों को रिहा कर दिया गया।

कुकी इंपी मणिपुर द्वारा 13 मई की मध्यरात्रि से तीन दिवसीय पूर्ण बंद लागू किए जाने के बाद खासकर कांगपोकपी जिले सहित कुकी-जो इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

यह बंद कांगपोकपी जिले में तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की हत्या और चार अन्य लोगों के घायल होने की घटना के विरोध में बुलाया गया था।

दूसरी ओर नागा समुदाय के लोग भी विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने बंधक बनाए गए ग्रामीणों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल लगातार नौवें दिन कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के जिलों में संयुक्त तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि अब भी बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित छुड़ाया जा सके।

इसी बीच, 10 सदस्यीय चर्च नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार से नागा बहुल सेनापति जिले के दौरे पर है, जहां वह नागा और कुकी समुदायों के बीच जारी तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात कर कांगपोकपी और सेनापति जिलों में जारी जातीय संकट पर चर्चा की।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, चर्च नेताओं ने सेनापति जिले में यूनाइटेड नागा काउंसिल, नागा पीपल्स ऑर्गनाइज़ेशन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की।

बैठक में दोनों जनजातीय समुदायों के बीच तनाव कम करने और बंधक संकट का समाधान निकालने के उपायों पर चर्चा हुई।

वहीं, पूर्वोत्तर के आठ प्रमुख छात्र संगठनों के शीर्ष निकाय पूर्वोत्तर छात्र संगठन ने गुवाहाटी में हुई बैठक के बाद क्षेत्र में लगातार हो रही घात लगाकर हत्याओं, अपहरण और आम नागरिकों को डराने-धमकाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है।

पूर्वोत्तर छात्र संगठन ने कहा कि इन घटनाओं से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में भय, असुरक्षा और अस्थिरता का माहौल बन गया है।