मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों की वोटर लिस्ट में भागीदारी सुनिश्चित करने और मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दिशा-निर्देशों के तहत, चुनाव अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य नाम उसमें न रहे।
यह व्यापक अभियान चल रहे एसआईआर का एक अहम हिस्सा है। महाराष्ट्र के सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक विशेष वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने बताया कि कैंपस में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तैनात किए गए हैं, जो योग्य छात्रों को आवेदन फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं और एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं।
बीएलओ घर-घर जाकर उन योग्य नागरिकों की पहचान भी कर रहे हैं जिनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है और वेरिफिकेशन के बाद फॉर्म 6 भरवा रहे हैं। जो लोग घर पर नहीं मिल रहे हैं, उनके लिए 10 और 11 अक्टूबर को सभी तय मतदान केंद्रों पर विशेष वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे।
जिन नागरिकों का नाम घर-घर गणना के दौरान बनी अनुपस्थित या स्थानांतरित मतदाताओं की लिस्ट में है, वे दोबारा नाम जुड़वाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुपस्थित / शिफ्टेड मतदाताओं की आधिकारिक लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित की गई है, जहां लोग अपना नाम चेक कर सकते हैं।
दावे, आपत्तियां और नए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर है। नागरिक ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। वे फिजिकल आवेदन चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), स्थानीय बीएलओ को या कैंप के दिनों में तय मतदान केंद्रों पर दे सकते हैं।
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे ईसीआई पोर्टल या आधिकारिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल आवेदन करें। कार्यालय ने भरोसा दिया है कि जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा किए गए सभी पूरे आवेदनों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए चुनाव पंजीकरण अधिकारियों द्वारा प्रोसेस किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 5 अक्टूबर को राज्य में चल रहे एसआईआर को लेकर कहा था कि गहन पुनरीक्षण के लिए फील्ड लेवल वेरिफिकेशन के जरिए वोटर लिस्ट को नए सिरे से बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा था, “तेज शहरीकरण, लगातार पलायन, नए योग्य युवाओं का जुड़ना, बिना रिकॉर्ड वाली मौतें और निर्वाचन क्षेत्र में बदलाव लगातार वोटर जनसांख्यिकी को बदलते हैं। अकेले पिछले 20 वर्षों में लाखों नाम जोड़े और हटाए गए हैं। समय-समय पर गहन वेरिफिकेशन जरूरी है ताकि कोई भी योग्य नागरिक बाहर न रहे और कोई भी अवैध या डुप्लीकेट एंट्री न बचे।”
मुख्यमंत्री ने बताया था कि एसआईआर पारदर्शी, जमीनी वेरिफिकेशन के जरिए चल रहा है। इसमें घर-घर जाकर जांच, नागरिकों से सीधे गणना फॉर्म का वितरण और संग्रह, मृत मतदाताओं के नाम हटाना और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन खत्म करना, और नागरिकों को अपनी डिटेल वेरिफाई करने, स्पेलिंग या पते की गलतियों को सुधारने का मौका देना शामिल है।
