नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को पूरा भरोसा जताया कि महायुति गठबंधन आने वाले विधान परिषद चुनावों में पूरी एकता के साथ चुनाव लड़ेगा और सभी 17 सीटों पर जीत हासिल करेगा।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गठबंधन के भीतर किसी भी अंदरूनी कलह की अफवाहों को खारिज कर दिया और कहा कि सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला आपसी सम्मान के साथ तय किया जाएगा।
जहां विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सभी 17 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है, वहीं उन्होंने दावा किया कि वे एक भी सीट नहीं जीत पाएंगे।
शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सीटों के बंटवारे के ढांचे को स्पष्ट कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, “महायुति गठबंधन मजबूत है। हम मिलकर काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र के विकास को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। विपक्ष महायुति गठबंधन की एकता को पचा नहीं पा रहा है।”
उन्होंने मीडिया की जल्दबाजी पर हल्के-फुल्के अंदाज में सवाल उठाते हुए पूछा, “मीडिया को इतनी जल्दबाजी क्यों है?”
शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत के उस बयान पर तंज किया, जिसमें राउत ने दावा किया था कि उन्हें मौजूदा राज्य सरकार में ‘घुटन’ महसूस हो रही है। शिंदे ने इस बयान को जनता को गुमराह करने की कोशिश बताते हुए खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष बस महायुति गठबंधन की ताकत को पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा और उन लोगों की ‘दयनीय स्थिति’ की ओर इशारा किया, जो कभी बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते थे।
उन्होंने दावा किया, “महायुति गठबंधन मजबूत है। हम मिलकर काम कर रहे हैं। भाजपा, शिवसेना और एनसीपी मिलकर महाराष्ट्र के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं, और इससे विपक्ष को जलन हो रही है, क्योंकि वे इसे पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे गुमराह करने वाले बयान दे रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “आज महाराष्ट्र में सभी चुनावों में भाजपा नंबर वन पार्टी है, और शिवसेना नंबर टू पर है। विपक्ष इतना नीचे गिर गया है कि उन्हें अब यह भी नहीं पता कि उनके आंकड़े कहां खड़े हैं।”
जब उनसे मराठा आरक्षण के मुद्दे और एक्टिविस्ट मनोज जरांगे के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बारे में पूछा गया तो शिंदे ने कहा कि सरकार समुदाय की चिंताओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। उन्होंने प्रेस को बताया कि भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने हाल ही में मनोज जरांगे से मिलकर उनकी मांगें सुनीं।
उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान अजित दादा और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर हमने मराठा समुदाय के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए। हमने कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए, जस्टिस शिंदे समिति का गठन किया, और 10 प्रतिशत आरक्षण दिया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार ने अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के जरिए भी लगातार इस समुदाय का समर्थन किया है।
शिंदे ने दोहराया कि सरकार बाकी मुद्दों को सुलझाने के प्रति सकारात्मक नजरिया रखती है और उसे पूरा भरोसा है कि मनोज जरांगे को दोबारा भूख हड़ताल का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने का स्वागत करते हुए उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ शुरू से ही शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का मुख्य सिद्धांत रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार कहा कि एक ही राष्ट्र दो अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं के तहत नहीं चल सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि महाराष्ट्र इस मामले पर सकारात्मक नजरिया अपनाएगा।
शिंदे के मुताबिक, बालासाहेब ठाकरे के तीन बड़े सपने राम मंदिर का निर्माण, अनुच्छेद 370 को हटाना और समान नागरिक संहिता लागू करना था। इनमें से दो सपने पहले ही पूरे हो चुके हैं, इसलिए उन्होंने विश्वास जताया कि तीसरा सपना भी जल्द ही पूरा होगा।
उन्होंने जनता को गुमराह करने वाले आलोचकों को भी निशाने पर लेते हुए यह स्पष्ट किया कि यूसीसी का आदिवासी और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) समुदायों के आरक्षण पर कोई भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
डिप्टी सीएम शिंदे ने फडणवीस की प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात के बारे में बात करते हुए कहा कि राज्य के एक नेता के तौर पर महाराष्ट्र के लगातार विकास को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र के साथ तालमेल बिठाना एक बुनियादी फर्ज है।

