Friday, May 22, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को नोटिस भेजे जाने के बाद ममता बनर्जी...

अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों को नोटिस भेजे जाने के बाद ममता बनर्जी ने केएमसी पार्षदों के साथ बैठक बुलाई

0
1

कोलकाता, 22 मई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता नगर निगम के सभी पार्षदों की एक आपात बैठक बुलाई है। यह कदम उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की कई संपत्तियों पर पिछले सात दिनों में केएमसी द्वारा जारी लगातार नोटिसों के बाद सामने आया है।

कोलकाता नगर निगम में एक पार्टी पार्षद के अनुसार, मुख्य एजेंडा मौजूदा स्थिति पर चर्चा करना है। पार्टी का मानना है कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की नौकरशाही व्यवस्था स्वतंत्र रूप से काम कर रही है और वह नगर विकास मंत्रालय के निर्देशों पर चल रही है, जबकि निर्वाचित पार्षदों, मेयर और मेयर-इन-काउंसिल (एमएमआईसी) को नजरअंदाज किया जा रहा है।

कोलकाता नगर निगम का बोर्ड तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में है, जहां चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम मेयर के रूप में कार्यरत हैं।

पार्टी पार्षद के अनुसार, “नगर आयुक्त स्मित पांडे ने शुक्रवार को होने वाली नगर निगम की बैठक रद्द कर दी है। साथ ही प्रशासन राज्य सरकार के निर्देशों पर बिना मेयर और एमएमआईसी से सलाह-मशविरा किए स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए हमारे शीर्ष नेता ने सभी पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।”

इस सप्ताह की शुरुआत में केएमसी अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी या सह-स्वामित्व वाली कई संपत्तियों की जांच शुरू की थी। नगर निगम ने केएमसी एक्ट 1980 की धारा 400(1) के तहत 17 संपत्तियों पर नोटिस भी जारी किए हैं, जिसमें कथित अवैध निर्माणों के मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।

इन नोटिसों की प्रतियां संबंधित संपत्तियों की दीवारों पर चिपकाई गई हैं। अभिषेक बनर्जी की दो आवासीय संपत्तियां भी जांच के दायरे में हैं।

मेयर फिरहाद हकीम ने कहा है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी और स्पष्ट किया कि नगर आयुक्त अपने अधिकारों के तहत बिना मेयर को सूचित किए नोटिस जारी कर सकते हैं।

गुरुवार को एक और विवाद तब सामने आया जब केएमसी के असेसर-कलेक्टर (साउथ) कार्यालय ने 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी की संपत्ति को लेकर नया नोटिस जारी किया।

केएमसी रिकॉर्ड के अनुसार, यह संपत्ति पहले एक निजी कंपनी के नाम पर थी, जिसे बाद में ‘लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड’ नाम दिया गया। आरोप है कि पुरानी इमारत को तोड़कर वहां नया भवन ‘संतिनिकेतन’ बनाया गया लेकिन संपत्ति को अभी भी ‘ओनर ऑकूपाइड’ के रूप में दर्ज किया गया है।