इंफाल, 7 नवंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को छात्रों और आम जनता से अपील की कि वे किसी भी संकट या मतभेद की स्थिति में आंदोलन और नाकेबंदी का सहारा न लें। इसके बजाय उन्होंने समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।
इंफाल के तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में राज्य के पहले ‘एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब’ का उद्घाटन करते हुए, मुख्यमंत्री ने छात्रों और समाज के सभी वर्गों के लोगों से अपनी शिकायतों और मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत और शांतिपूर्ण चर्चा का तरीका अपनाने को कहा।
खेमचंद सिंह ने जोर देकर कहा कि विवादों को सुलझाने और राज्य में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए आंदोलन और टकराव के बजाय रचनात्मक बातचीत बहुत जरूरी है।
‘एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब’ एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को तकनीक-आधारित करियर मार्गदर्शन, व्यक्तिगत परामर्श और उभरते करियर अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। ‘मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम’ (एमपीएलएडीएस) के तहत स्थापित यह हब पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह का पहला केंद्र है। यह राज्य की शिक्षा और करियर मार्गदर्शन प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों की तारीफ की कि उन्होंने राज्य में पिछले सात-आठ महीनों से चल रहे कठिन दौर के बावजूद आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाया।
खेमचंद सिंह ने उनकी परिपक्वता और संयम की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय में आंदोलन में शामिल होने के बजाय, छात्रों को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई ने काफी प्रगति की है और यह विभिन्न क्षेत्रों और व्यवसायों में बड़े बदलाव ला रहा है।
उन्होंने मणिपुर में ‘एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब’ की स्थापना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस पहल से छात्रों को अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने, करियर के विभिन्न विकल्पों को तलाशने और भविष्य के अवसरों के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिलेगी।
खेमचंद सिंह ने इस पहल को संभव बनाने में योगदान के लिए राज्यसभा सांसद ए शारदा देवी, शिक्षा विभाग और तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों का भी आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने किसी के भविष्य को आकार देने में शुरुआती वर्षों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन करियर बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। इसमें भी कक्षा 11वीं और 12वीं, भविष्य की शैक्षणिक और पेशेवर दिशा तय करने में विशेष रूप से अहम हैं।
यह मानते हुए कि हर व्यक्ति जीवन में अपनी हर इच्छा पूरी नहीं कर पाता, उन्होंने कहा कि इंसानियत और ईमानदारी, हर व्यक्ति के जीवन का मार्गदर्शन करने वाले दो अनिवार्य गुण होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मणिपुर में शांति और सद्भाव बहाल करने के सामूहिक प्रयासों में भी ये मूल्य उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘समग्र शिक्षा, मणिपुर’ के सहयोग से ‘मणिपुर अपलिफ्टमेंट सेंटर’ द्वारा आयोजित ‘राज्य-स्तरीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) 2026–27’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस आयोजन की मुख्य थीम ‘स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को समझना’ थी।
खेमचंद सिंह ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और राज्य-स्तरीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भाग लेने वाले छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों के विज्ञान प्रोजेक्ट्स में गहरी रुचि ली और उन्हें अपनी वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को लगातार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्य के 12 जिलों के विभिन्न स्कूलों से कुल 39 छात्र समूह नेताओं को ‘राज्य-स्तरीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026–27’ में भाग लेने के लिए चुना गया है। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य अधिकारिमयुम शारदा देवी, वरिष्ठ अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक और छात्र शामिल हुए।
