शिलांग, 23 सितंबर (आईएएनएस)। मेघालय के मंत्री लखमेन रिम्बुई और यूडीपी के सात अन्य विधायकों ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ चल रही चर्चाओं के बाद लिया गया है।
रिम्बुई ने कहा कि यह कदम लंबे समय से चल रहे परामर्शों का परिणाम है और यह कोई अचानक लिया गया राजनीतिक निर्णय नहीं है।
उन्होंने शामिल होने के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह अचानक नहीं हुआ है। इस पर काफी समय से चर्चा चल रही थी।
आठ विधायकों (रिम्बुई, पियस मार्विन, किरमेन शिला, मेयरालबोर्न सिएम, मैथ्यू कुरबाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर रॉय) ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (जो पूर्वोत्तर राज्यों के लिए पार्टी के समन्वयक भी हैं) और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए।
रिम्बुई ने कहा कि भाजपा नेतृत्व के साथ हुई चर्चा मुख्य रूप से चार मुद्दों पर केंद्रित थी, जिनके लिए उनके अनुसार केंद्र से अधिक समर्थन की आवश्यकता है।
इनमें संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो समुदायों को शामिल करने की मांग, मेघालय निवासी सुरक्षा अधिनियम में संशोधन, कोयला खनन से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाना और थेम इयू मावलोंग से हरिजन कॉलोनी को स्थानांतरित करना शामिल है।
रिम्बुई ने कहा कि ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर केंद्र सरकार से अधिक समर्थन की आवश्यकता है और ये विधायकों और मेघालय की जनता की आकांक्षाओं से जुड़े हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कई युवा विधायक राज्य की जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर काम करना चाहते हैं और मेघालय के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
रिम्बुई ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने इन सभी मुद्दों और अन्य मामलों पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है और वे आने वाले दिनों में कार्रवाई करेंगे। इसीलिए हम यहां भाजपा में शामिल होने आए हैं।
राजनीतिक दल-बदल से पहले, 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में भाजपा के दो विधायक और यूडीपी के 12 विधायक थे।
