Monday, August 17, 2026
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‘दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासी वार, नेशनल कॉन्फ्रेंस बोली- 370 हटाने के लिए महबूबा जिम्मेदार

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श्रीनगर, 17 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर तीखा हमला किया। पार्टी का आरोप है कि उनकी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) खुद उन राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए जिम्मेदार थी, जिनके कारण आखिरकार 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाया गया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दावा किया कि अगर पीडीपी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन नहीं किया होता, तो 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने की घटना नहीं होती। यह टिप्पणी तब आई जब महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वे खुद को ‘दिमागी नक्सल’ मानती हैं, क्योंकि वे अनुच्छेद 370 का लगातार समर्थन करती रही हैं और इसे हटाने का विरोध करती रही हैं।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने याद दिलाया कि पार्टी ने अनुच्छेद 370 पर भाजपा के घोषित रुख का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर में सरकार में भाजपा को शामिल करने के खिलाफ चेतावनी दी थी।

तनवीर सादिक ने महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘एक मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री अगर वह ऐसी बात कहती है जिसके लिए वह खुद जिम्मेदार है, तो यह बहुत अजीब लगता है।’ क्योंकि अगर आपको याद हो तो 2014 के चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि ‘हम आपको बिना शर्त समर्थन देंगे, भाजपा को मत लाइए क्योंकि उनके घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को हटाने की बात है।’

सादिक के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद पीडीपी ने 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई।

उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि 2019 में जो हुआ, वह उसी गठबंधन की वजह से हुआ। अगर उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन नहीं किया होता, तो 2019 वाली घटना कभी नहीं होती। ये सब सिर्फ दिखावटी आंसू हैं। 2019 की घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार महबूबा मुफ्ती साहिबा ही हैं।

‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर राजनीतिक विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि सशस्त्र नक्सलवाद से निपटने में काफी प्रगति के बावजूद, इस विचारधारा का एक ज्यादा सूक्ष्म रूप देश के लिए चुनौती बना हुआ है।